अरहर होटला जिला नांदेड बी एस एम आर -736 प्रजाति को बोयें खेत को स्वच्छ रखें फेरोमोन ट्रेप स्थापित करें पौधों को हिलाएं नीम सत और एच ऐ एन पी वी का छिडकाव करें मिर्ज़ापुर एवं चंदौली , वाराणसी, उत्तरप्रदेश अरहर को म्लानि से बचाने के लिए बुवाई से पहले गोबर खाद में 10 ग्राम प्रति किलोग्राम की दर से ट्राईकोग्रामा मिला कर भूमि शोधन करें, नाशीजीवों, रोगों की प्रतिरोधक व अच्छी फसल देने वाली किस्मों को ही बोयें फाईटोफ्थोरा रोग से बचाव के अरहर को मेंड़ों के बीच बोयें फेरोमोन ट्रेप 10 प्रति हेक्टेयर की दर से स्थापित करें अमेरिकन सुंडी से बचाव के लिए 25 प्रति हेक्टेयर की दर से पक्षी बसेरों को स्थापित करें सितम्बर व अक्टूबर में नीम तेल 2% तथा एन एस के ई 5% के क्रमश: 1 व 2 छिडकाव करें सितम्बर व अक्टूबर में एच एन पी वी 500 लीटर प्रति हेक्टेयर तथा एंडोसल्फान 2 लीटर प्रति हेक्टेयर की दर से खेतों में छिडकाव करे गुलबर्गा, कर्नाटक ट्राईकोडर्मा से 10 ग्राम प्रति किलोग्राम की दर से बीज शोधित करें ताकि म्लानि के प्रभाव से बचा जा सके निगरानी के लिए 5 प्रति हेक्टेयर की दर से फेरोमोन ट्रेप स्थापित करें ज्वार को अंतर: फसल के रूप में बोयें लार्वों को पौधों से हटाने के लिए पौधों को हाथ से अच्छी तरह से हिलाएं 450 लीटर प्रति हेक्टेयर की दर से एच एन पी वी का छिडकाव करें कच्चे नीम सत का 5% प्रयोग करें (एन एस के ई ) अधिक नाशीजीव होने की स्थिति में रासायनिक कीटनाशकों का प्रयोग करे चना अम्बदागांव, बद्नापुर जिला जालना ट्राईकोडर्मा व रिजोबियम के स्थानीय उत्पादों से बीज शोधित करें धनिया को अंत: फसल के रूप में बोयें फेरोमोन ट्रेप व पक्षी बसेरों को स्थापित करें यांत्रिक तरीके से लार्वे एकत्रित करें एच एन पी वी का छिडकाव करें रासायनिक कीटनाशकों का प्रयोग करें छाजपुर, सिरसा (हरियाणा), जयपुर (राजस्थान), होटाला (नांदेड) बीज उपचारित करें (ट्राईकोडर्मा 4 ग्राम प्रति किलोग्राम बीज + विटावेक्स 2 ग्राम प्रति किलोग्राम बीज + रइजोबियम ) अंतरा सस्यं करें मृत पक्षी बसेरों को स्थापित करें 2 प्रति हेक्टेयर की दर से फेरोमोन ट्रेप स्थापित करें 250 लीटर प्रति हेक्टेयर की दर से एच एन पी वी का छिडकाव करें नीम सत 5% व आवश्यकता अनुसार एन्डोसल्फान का प्रयोग करें स्त्रोत: राष्ट्रीय समेकित नाशीजीव प्रबंधन अनुसंधान केंद्र, नई दिल्ली