पौधशाला के साज-सामान तार की जाली: मिटटी छानने के लिए, पोलीथिन या अन्य वस्तु के पात्र , चाक़ू: जड़ संवारने के लिए, नाम लेबल, रंग और कूची, सिंचाई के पात्र। कुदाल: कांटेदान और सपाट फावड़ा: पंगडंडियों की घास आदि की सफाई हेतु, माप के लिए: फीता, बोरा और लकड़ी के बक्से: पात्र को ले जाने के लिए। टिन, ढक्कनयुक्त बोतल: बीज भण्डारण के लिए प्लास्टिक की चादरें: बीज ले जाने के लिए पौधशाला की प्रक्रिया सड़ी हुई पत्तियाँ सबसे अच्छी खाद है, उसे ठंड के मौसम में पहले ही इकट्ठा कर लें, फिर उठाकर किसी स्थान पर जमा कर लें । पर्याप्त मात्रा में गोबर इकट्ठा कर लें और उसे पौधशाला के अंदर एक गढ्ढा में तैयार होने दें। जब आप खाद का प्रयोग करते है तो उसे ऊपर की मिटटी में सही मात्रा में अच्छी तरह से मिला दें। यदि कृषि क्षेत्र या कम्पोस्ट से कार्बनिक खाद नहीं मिल पाये तो संभव है कि आपको रासायनिक खाद प्रयोग में लाना पड़े जो भी हो, यदि आप खाद प्रयोग करते है तो उसकी मात्रा ठीक से जांच लें। युक्लिप्टस जैसी कुछ प्रजातियाँ बहुत अधिक खाद पसंद नहीं करती जब नवजात पौधा कुछ वर्ष का हो जाये, तब उसमें पानी और नाईट्रोजन युक्त खाद जैसे यूरिया के घोल का छिड़काव करना अच्छा होता है। स्त्रोत: कृषि विभाग, झारखंड सरकार