ग्रीष्मकालीन गहरी जुताई एक ऐसा काम है, जिसमें अनेक लाभ समाहित हैं। ऐसा करने से मृदा का सूर्य ऊर्जा उपचार होता है, जिससे कीट व पौध रोगकारक नष्ट हो जाते हैं। जल का अपवाह रुकता है, खरपतवार नियंत्रण होता है और जड़ों की अच्छी वृद्धि होती है। इसके अलावा पीड़कनाशियों के अवशेषों का तीव्र विघटन होता है तथा मृदा संरक्षण होता है। एक ओर इसके फायदों से कृषकों की लागत में कमी आती है तथा दूसरी ओर उपज में लाभ (औसतन 10 प्रतिशत) होता है। इस प्रकार इसे अपनाने से किसानों की आय में वृद्धि होती है। खेत की मृदा को गर्म महीने (अप्रैल-मई) में मृदा पलटने वाले हल की सहायता से गहराई (अधोसतह) से पलटना ही ग्रीष्मकालीन गहरी जुताई कहलाता है। कब करें ग्रीष्मकालीन गहरी जुताई ग्रीष्मकालीन जुताई, रबी मौसम की फसल कटने के बाद शुरू होती है, जो बरसात प्रारंभ होने पर समाप्त होती है, अर्थात् अप्रैल से . जून तक ग्रीष्मकालीन जुताई की जाती है। ग्रीष्मकालीन गहरी जुताई के लाभ प्रत्यक्ष लाभ गहरी जुताई का मृदा के भौतिक गुणों पर प्रभाव खेत में गहरी जुताई करने से मृदा के बहुत से भौतिक गुणों में सुधार होता है। इससे मृदा में जल की मात्रा तथा स्तर बढ़ता है, और यह फसल को लंबे समय तक नमी उपलब्ध करवाता है। मृदा की प्रवेश प्रतिरोध क्षमता को कम करता है। इससे जड़ों की पूर्ण बढ़वार होती है तथा वह मृदा में अधिक गहराई तक जाती है। फलतः फसल को जल तनाव का सामना नहीं करना पड़ता है। ऐसे ही गहरी जुताई के कुछ प्रभावों को सारणी-1 में प्रस्तुत किया गया है। सारणी 1. गहरी जुताई का मृदा के भौतिक गुणों पर प्रभाव क्रसं प्राचल/मापदंड मोल्ड बोर्ड हलसे गहरी जुताई सामान्य उथली जुताई १. मृदा में जल की मात्रा (प्रतिशत) 29.3 24.8 2 एक मीटर सक्शन पर जल की मात्रा (प्रतिशत) 31.0 27.7 3 स्थूल घनत्व (ग्राम/घन सें.मी.) 1.43 1.54 4 संतृप्त हाइड्रोलिक चालकता (सें.मी./घंटा) 11.15 13.09 5 निवेश प्रतिरोध ;मेगा पास्कलद्ध तुलनात्मक काम तुलनात्मक ज्यादा हानिकारक कीटों से बचाव गर्मी की जुताई से रबी या जायद की फसलों पर लगे हुए हानिकारक कीटों के अंडे व लार्वा, जो जमीन की दरारों में छिपे होते हैं, मई-जून की तेज धूप से नष्ट हो जाते हैं। इससे खेत, कीट-पतंगों से सुरक्षित हो जाता है और अगली फसल में कीटों के हमले की आशंका कम हो जाती है। सारणी 2. परंपरागत जुताई की तुलना में गहरी जुताई से उपज में वृद्धि (प्रतिशत) क्रसं फसल परंपरागत जुताई की तुलना में गहरी जुताई से उपज वृद्धि (प्रतिशत) स्रोत 1 धान 3.3 रहमान और सहयोगी (