मटर बुआई एवं नाइट्रोजन टॉपड्रेसिंग दाल वाली सब्जियों में मटर एक प्रमुख फसल है। सब्जी मटर में बुआई के 25-30 दिनों बाद सम्पूर्ण आवश्यक नाइट्रोजन की आधी मात्रा अर्थात 30 कि.ग्रा. नाइट्रोजन टॉपड्रेसिंग के रूप में देनी चाहिए। सिंचाई सब्जी मटर में फूल आने के समय आवश्यकतानुसार हल्की सिंचाई कर दें। उसके बाद 30 कि.ग्रा. नाइट्रोजन टॉपड्रेसिंग के रूप में प्रयोग करें एवं दूसरी सिंचाई फलियां बनते समय करनी चाहिए। अधिक मात्रा में पानी लगाने से मटर के पौधों मे श्वसन क्रिया प्रभावित होती है। फुहारा विधि से सिंचाई ज्यादा लाभप्रद होती है और पानी की बचत होती है। निराई-गुड़ाई सब्जी मटर के लिए 1-2 निराई-गुड़ाई की आवश्यकता होती है। खरपतवार नियंत्रण रासायनिक खरपतवार 3.0 पेंडीमेथिलीन 800-1000 लीटर पानी में घोलकर छिड़काव करें। खरपवतारनाशी का प्रयोग करते समय मिट्टी में पर्याप्त मात्रा में नमी होनी चाहिए। इनसे काफी हद तक खरपतवार नियंत्रण किया जा सकता है। फलियों की तुड़ाई फलियों की तुड़ाई सुबह या शाम के समय की जानी चाहिए। सामान्यतः लगभग 12-15 दिनों के अंतर पर कुल 3-4 तुड़ाई की जाती है। चूर्णिल आसिता रोग चूर्णिल आसिता रोग की रोकथाम हेतु रोगरोधी किस्म का चयन करना लाभदायक होता है। केलिक्सीन 0.5 मि.ली. दवा प्रति लीटर पानी या पेन्कोनाजोल 1 मि.ली. दवा प्रति 4 लीटर पानी में घोलकर 10 दिनों के अंतराल पर 2-3 छिड़काव करें या फ्लूसिलाजाले 1 मि.ली. प्रति लीटर पानी में घोल का छिड़काव करें या घलुनशील गंधक का चूर्ण 3 ग्राम दवा प्रति लीटर पानी की दर से तयैार करने पर एक हैक्टल खेत में लगभग 600-800 लीटर पानी की आवश्यकता पड़ती है। फ्रेंचबीन नाइट्रोजन की टॉपड्रेसिंग फ्रेंचबीन में बुआई के लगभग 30 दिनों बाद 60 कि.ग्रा. नाइट्रोजन की टॉपड्रेसिंग करें। सिंचाई फ्रेंचबीन में पहली सिंचाई फूल आने के ठीक पहले तथा दूसरी सिंचाई फली बनते समय करनी चाहिए। स्त्रोत : खेती पत्रिका, राजीव कुमार सिंह, विनोद कुमार सिंह, कपिला शेखावत, प्रवीण कुमार उपाध्याय, एस.एस. राठौर और अजय कुमार सिंह,सस्य विज्ञान संभाग, भाकृअनुप-भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान, पूसा, नई दिल्ली-110012