प्याज व लहसुन, सब्जियों की प्रमुख फसलें हैं। लहसुन निराई-गुड़ाई तथा सिंचाई लहसुन की फसल में आवश्यकतानुसार निराई-गुड़ाई तथा सिंचाई करें एवं 74 कि.ग्रा. यूरिया की प्रथम टॉपड्रेसिंग बुआई के 40 दिनों बाद व इतनी ही मात्रा की दूसरी टॉपड्रेसिंग बुआई के 60 दिनों बाद कर दें। खरपतवार नियंत्रण दो से तीन निराई खरपतवार नियंत्रण के लिए पर्याप्त हैं। किस्में रबी मौसम के लिए पूसा व्हाइट राउंड, पूसा माधवी, व्हाइट फ्लैट, पूसा रेड, अर्ली ग्रेनो, पूसा रत्नार, एन-2-4-1 एग्रीफाइंड लाइट रेड एवं पहाड़ी क्षेत्राें के लिए ब्राउन स्पैनिश व अर्ली ग्रेनो आदि प्याज की प्रमुख किस्में हैं। प्याज खेत की तैयारी प्याज की फसल में खेत की तैयारी के समय रोपाई से तीन-चार हफ्ते पहले प्रति हैक्टर 250-300 क्विटंल गाेबर की सड़ी खाद या 70-80 क्विंटल नाडेप कम्पोस्ट मिला दें। फिर रोपाई के पहले 60-70 कि.ग्रा. नाइट्रोजेन, 70 कि.ग्रा. फास्फोरस एवं 60 कि.ग्रा. पोटाश प्रति हैक्टर का प्रयोग करें। रोपाई प्याज की रोपाई दिसंबर के अंत से 15 जनवरी तक करनी चाहिए। प्याज की रोपाई के लिए 7-8 सप्ताह पुरानी पौध का प्रयोग करें। रोपाई के समय पंक्ति से पंक्ति की दूरी 15 सें.मी. तथा पौध से पौध की दूरी 10 सें.मी. रखनी चाहिए। खरपतवार नियंत्रण प्याज में खरपतवार नियंत्रण के लिए रोपाई के दो-तीन दिनों बाद पेंडीमेथेलीन की 3.5 लीटर मात्रा 800-1000 लीटर पानी में घोलकर प्रति हैक्टर की दर से रोपाई के बाद सिंचाई से पहले छिड़काव करें। स्त्रोत : खेती पत्रिका, राजीव कुमार सिंह, विनोद कुमार सिंह, कपिला शेखावत, प्रवीण कुमार उपाध्याय, एस.एस. राठौर और अजय कुमार सिंह,सस्य विज्ञान संभाग, भाकृअनुप-भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान, पूसा, नई दिल्ली-110012