सिंचाई गन्ना शरदकालीन गन्ने में पिछले महीने सिंचाई नहीं की है, तो सिंचाई आवश्यकतानुसार करते रहें। इससे गन्ना सूखने नहीं पायेगा और वजनी भी बनेगा। निराई-गुड़ाई गन्ने के साथ तोरिया, राई, वगैरह की बुआई की है, तो निराई-गुड़ाई करें। कटाई दिसंबर में गन्ने की लगभग सभी किस्में कटाई के लिए तैयार हो जाती हैं तथा पुराने गन्ने की कटाई का कार्य जमीन से मिलाकर करें। तापमान कम होने के कारण दिसंबर-जनवरी में काटे गये गन्ने के जड़ से फुटाव कम होता है। दिसंबर-जनवरी में गन्ने की कटाई जमीन की सतह से सटा कर करें। खरपतवारनाशक गन्ना काटने के तुरन्त बाद लूंठों पर 24-डी खरपतवारनाशक की मात्रा को 500-600 लीटर पानी में घोलकर प्रति हैक्टर की दर से छिड़काव करें। इसके बाद गन्ने की सूखी पत्तियों की 15-20 सें.मी. मोटी तह सतह के ऊपर बिछा दें जिससे फुटाव अधिक होगा। खेत की तैयारी खेत की तैयारी के समय अवशेषों को निकालकर नष्ट कर दें। अंत:फसलें शरदकालीन गन्ने में सरसों, धनिया की अंत:फसल लगायें तथा ट्राइकोडर्मा की 20 कि.ग्रा. मात्रा प्रति हैक्टर की दर से प्रयोग करें। स्त्रोत : खेती पत्रिका(दिसंबर माह, आईसीएआर), राजीव कमार सिंह, कपिला शेखावत, प्रवीण कमार उपाध्याय , एस.एस. राठौर-सस्य विज्ञान विभाग, भाकृअनुप.-भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान, पूसा, नई दिल्ली-110012; अमन सिंह- आनुवंशिकी विभाग, आचार्य नरेंद्र देव कृषि और प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय, कुमारगंज, अयोध्या, 224229 (उत्तर प्रदेश); और नितिन कुमार शुक्ला-श्रीदेव सुमन उत्तराखंड विश्वविद्यालय, पौढ़ी गढ़वाल (उत्तराखंड)।