ज्वार की खेती मिट्टी ज्वार की खेती के लिए दोमट तथा बलुई दोमट मृदा सबसे अच्छी होती है। जल निकास की उचित व्यवस्था होने पर काली तथा भारी मृदा में यह अच्छी उपज देती है। अत्यंत हल्की बलुई मृदाओं में इसकी बढ़वार अच्छी नहीं होती। इसकी खेती के लिए भूमि का पी-एच मान 6.7 से 7.5 तक अच्छा रहता है। चारे के लिए ज्वार, लोबिया, ग्वार एवं बहुकटाई वाली चरी की बुआई कर लें। वर्षा न होने की दशा में पलेवा करके बुआई करें। किस्में चारे वाली ज्वार की एक कटाई के लिए उन्नत किस्में यू.पी. चरी-1, यू.पी. चरी-2, पूसा चरी-6 व पूसा चरी-9, हरियाणा चरी-136, हरियाणा चरी-260, राजस्थान चरी-1 व राजस्थान चरी-