शीतकालीन मक्का सिंचाई रबी मक्का में 4-5 सिंचाइयां करनी पड़ती हैं। मक्का में दूसरी सिंचाई बुआई के 55-60 दिनों बाद, तीसरी सिंचाई बुआई के 75-80 दिनों बाद, चौथी 110-115 दिनों तथा पांचवीं 120-125 दिनों बाद करनी चाहिए। अगर आवश्यकता हो तो अतिरिक्त सिंचाई खेत की नमी के अनुसार करनी उपयुक्त होगी। निराई-गुड़ाई मक्का में दूसरी निराई-गुड़ाई 40-45 दिनों बाद करें। यदि मक्का को हरे भुट्टों के रूप में प्रयोग करना हो तो रसायनों का प्रयोग नहीं करना चाहिए। उर्वरक का प्रयोग नाइट्रोजन की 40 कि.ग्रा. मात्रा की टॉप ड्रेसिंग मंजरी निकलने के पूर्व करें। उर्वरक प्रयोग के समय खेत में पर्याप्त नमी होनी चाहिए। तुड़ाई बेबीकॉर्न की गुल्ली को 3-4 सें.मी., रेशमी कोपलें आने पर तोड़ लेना चाहिए। गुल्ली तुड़ाई के समय ऊपर की पत्तियों को नहीं हटाना चाहिए। पत्तियों को हटाने से ये जल्दी खराब हो जाती हैं। रबी में एक दो दिन छोड़कर गुल्ली की तुड़ाई करनी चाहिए। एकल क्रॉस संकर मक्का में 3-4 तुड़ाइयां जरूरी हैं। जौ सिंचाई जौ की फसल में दूसरी सिंचाई बुआई के 55-60 दिनों बाद गांठ बनने की अवस्था में करनी चाहिए। पत्ती व तनाभेदक की रोकथाम पत्ती व तनाभेदक की रोकथाम के लिए इमिडाक्लोरोप्रिड 200 ग्राम प्रति हैक्टर या क्यूनालफॉस 25 ई.सी. दवा 250 ग्राम प्रति हैक्टर का प्रयोग करें। या प्रोपीकोनाजोल 0.1 प्रतिशत के घोल का छिड़काव करें। स्त्राेत : खेती पत्रिका, राजीव कुमार सिंह, विनोद कुमार सिंह, कपिला शेखावत, प्रवीण कुमार उपाध्याय, एस.एस. राठौर और अवनि कुमार सिंह, 'सस्य विज्ञान संभाग एवं संरक्षित खेती और प्रौद्योगिकी, भाकृअनुप-भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान, पूसा, नई दिल्ली-110012