टमाटर बुआई रबी में टमाटर की बुआई के लिए अक्टूबर उपयुक्त माह है। किस्म टमाटर की उन्नत किस्मों जैसे-पूसा रोहिणी, पूसा सदाबहार, पूसा हाइब्रिड 1, पूसा-120, पूसा संकर 2, पूसा संकर 4, पूसा संकर 8, काशी अभियान, पूसा दिव्या, काशी विशेष, काशी अमृत, काशी अनुपम, काशी हेमन्त, काशी शरद आदि की बुआई करें। बीज की मात्रा टमाटर का बीज दर उन्नत प्रजातियों के लिए 400-500 ग्राम प्रति हैक्टर और संकर किस्मों के लिए 150-200 ग्राम प्रति हैक्टर पर्याप्त है। टमाटर की सीमित बढ़वार वाली किस्मों की रोपाई 60×60 सें.मी. तथा असीमित बढ़वार वाली किस्मों की रोपाई 75-90×60 सें.मी. पर करें। उर्वरक टमाटर की रोपाई के समय उन्नत प्रजातियों के लिए प्रति हैक्टर 100 कि.ग्रा. नाइट्रोजन, 50 कि.ग्रा. फॉस्फेट एवं 60-80 कि.ग्रा. पोटाश एवं जिंक व बोरॉन की कमी होने पर 20-25 कि.ग्रा. जिंक सल्फेट व 8-12 कि.ग्रा. बोरेक्स का प्रयोग करें। संकर/असीमित बढ़वार वाली किस्मों के लिए प्रति हैक्टर 55-50 कि.ग्रा. नाइट्रोजन का प्रयोग करें। तापमान टमाटर की खेती के लिए आदर्श तापमान 18-27 डिग्री सेल्सियस है। 21-24 डिग्री सेल्सियस तापमान पर इसमें लाल रंग सबसे अच्छा विकसित होता है। इन्हीं सब कारणों से सर्दियों में फल मीठे और गहरे लाल रंग के होते हैं। तापमान 38 डिग्री सेल्सियस से अधिक होने पर अपरिपक्व फल एवं फूल गिर जाते हैं। उचित जल निकास वाली बलुई दोमट मृदा, जिसमें पर्याप्त मात्रा में जीवांश उपलब्ध हो टमाटर की सफलतापवूर्क खेती की जा सकती है। शिमला मिर्च किस्म शिमला मिर्च की अनेक उन्नत और संकर किस्में हैं। लेकिन इसके उत्पादकों को अपने क्षेत्रा की प्रचलित तथा अधिक उत्पादन देने वाली के साथ रोग प्रतिरोधी किस्मों का चयन करना चाहिए। प्रमुख किस्में पूसा दीप्ति, कैलिपफोर्निया वंडर, अर्का गौरव, अर्का मोहिनी, किंग ऑपफ नोर्थ, अर्का बसंत, ऐश्वर्या, अलंकार, अनुपम, हरी रानी, भारत, ग्रीन गोल्ड, हीरा, इंद्रा आदि हैं। राेपाई एवं उर्वरक शिमला मिर्च की रोपाई 15 अक्टूबर के बाद कर सकते हैं। इसमें रोपाई के 20 दिनों बाद प्रथम व 40 दिनों बाद द्वितीय प्रति हैक्टर 25 कि.ग्रा. नाइट्रोजन (54 कि.ग्रा. यूरिया) की टॉप ड्रेसिंग करनी चाहिए।