परिचय विश्व के विभिन्न देशों में सूरजमुखी के अलग-अलग भागों का भिन्न-भिन्न उपयोंग सदियों से होता चला आ रहा हैं।3000 ई.पू. दुनिया भर में सूरजमुखी के उपयोग की एक विस्तृत श्रृंखला जैसे कि सजावटीपौधे, औषधीय, आहार, फीडस्टॉक, पौष्टिक चारा, कपड़ा उद्योग के लिए रंग, शरीर चित्रकला, सजावट, आदिकी सूचना दी गई है।इसके अलावा, इसके पौधे के कुछ हिस्सों का उपयोग कपड़ा उद्योग, शरीर चित्रकला, और अन्य सजावट के लिए रंगबनाने में किया जाता है। चीन में सदियों से सूरजमुखी का इस्तेमाल मोटे और नाजुक रेशमी रस्सियों को बनाने के लिए किया जाता रहा है।सूरजमुखी के बीज मनुष्यों द्वारा 2000 से अधिक वर्षो से खाए जा रहे हैं। भूने हुए सूरजमुखी के बीजों का उपयोग़ और उन से तेल का उत्पादन सबसे पहलें रुस में 18 वीं शताब्दी में शुरू हुआथा।सूरजमुखी के बीजो का सेवन करने से पेट से जुड़ी समस्याओं जैसे कब्ज में राहत मिलती हैं। क्योंकि इसके बीजो में फाइबर की मात्रा अधिक होती हैं।सूरजमुखी के तेल का उपयोग सलाद ड्रेसिंग में, खाना पकाने के लिए और मार्जरीन और शॉर्टिंग के निर्माण में किया जाता है। सूरजमुखी का उपयोग उद्योग में पेंट और सौंदर्य प्रसाधन बनाने के लिए किया जाता है।कुछ देशों में तेल निकालने के बाद जो बीज खली बच जाती है, उसका उपयोग पशुओं के चारे के रूप में किया जाता है।सोवियत संघ में पतवार का उपयोग एथिल अल्कोहल के निर्माण के लिए, प्लाईवुड के लिए अस्तर और बढ़ते खमीर के लिए किया जाता है।सूरजमुखी के स्वास्थ्य लाभों में रक्तचाप और मधुमेह नियंत्रण, त्वचा की सुरक्षा और कोलेस्ट्रॉल को कम करना शामिल हैं।सूरजमुखी का उपयोग ब्रेड और मक्खन के उत्पादन में एक मिश्रित सामग्री के रूप में भी किया जाता है। सूरजमुखी के बीज में विटामिन बी1, बी3, बी6, मैग्निशियम, फॉस्फोरस, प्रोटीन जैसे बहुत सारे पोषक तत्व होते हैं। सूरजमुखी के जड़, पत्ता, फूल और बीज के इतने सारे पौष्टिक गुण हैं कि आयुर्वेद में सूरजमुखी को औषधी के रूप में इस्तेमाल किया जाता है। जेरूसलम आटिचोक (हेलियनथस ट्यूबरोसस) की खेती अपने खाद्य भूमिगत कंदों के लिए की जाती है। सूरजमुखी तेल केक का उपयोग स्टॉक और पोल्ट्री फीडिंग के लिए किया जाता है। पत्तियों को चारे के रूप में उपयोग किया जाता है। जर्मनी में, सोंनेंनब्लामेंकेम्ब्रोट (वस्तुतः सूरजमुखी पूर्ण बीज रोटी) बनाने के लिए इसे राई के आटे के साथ मिलाया जाता है, जो जर्मन-भाषी यूरोप में काफी लोकप्रिय है। सूरजमुखी के बीज रूस के लोगों के पसंदीदा व्यंजनों में से एक हैं। सूरजमुखी यूक्रेन का राष्ट्रीय पुष्प है। जबकि यह अमेरिकी राज्य कान्सास का राज्य पुष्प है। पोषक रूप से, संयुक्त राज्य अमेरिका में भोजन के लिए सूरजमुखी के उपयोग का पहला सबूत भारतीयों द्वारा 1586 में उत्तरी कैरोलिना के रोनोक द्वीप में था।इसका उपयोग बाद में, 1615 में, न्यू इंग्लैंड के उपनिवेशवादियों द्वारा बालों के तेल के लिए भी किया गया था।सूरजमुखी का उपयोग पेंट, एडहेसिव, फैब्रिक सॉफ्टनर, स्नेहक, कोटिंग्स, वार्निश, प्लास्टिक, साबुन और डिटर्जेंट के निर्माण, जैव-कीटनाशक के निर्माण, कृषि रसायनों के लिए वाहक और उद्योगों में सर्फेक्टेंट के निर्माण में किया गया है। इसका उपयोग सलाद ड्रेसिंग में और ऑटोमोबाइल (डीजल) इंजन में ईंधन के वैकल्पिक स्रोत के रूप में भी किया जाता है। सूरजमुखी के विभिन्न भागों के भिन्न-भिन्न उपयोंग सूरजमुखी का बीज: अभी तक हुए कई अध्ययनों में सूरजमुखी के बीज के औषधीय गुणों के बारे में पता चला है, जो शरीर को कई तरह से लाभ पहुंचाने का काम करते हैं।इसकी गिरी काफी स्वादिष्ट होती है। इसे कच्चा या भूनकर मूँगफली की भाँति खाया जाता है। गिरी का प्रयोग चिरौंजी या खरबूजे की गिरी के स्थान पर किया जाता है। सूरजमुखी के बीज शरीर को स्वस्थ रखने और वजन को कंट्रोल करने में काफी मददगार माने जाते हैं। यह कई पोषक तत्वों जैसे कैल्शियम, फास्फोरस, मैग्नीशियम, सोडियम, पोटेशियम और लोहा, साथ ही विटामिन, विशेष रूप से बी कॉम्प्लेक्स और विटामिन एसे भरपूर होने की वजह से मानव शरीर को कई लाभ पहुंचाते हैं।सूरजमुखी के बीजों में थियामिन (विटामिन बी1) नामक एक शक्तिशाली अर्क होता है, जो शरीर की ऊर्जा बढ़ाने में मदद करता है और मांसपेशियों के निर्माण के साथ-साथ ब्लड सर्कुलेशन और शरीर में महत्वपूर्ण संतुलन में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। सूरजमुखी के बीजों में मोनोऔर पॉलीअनसेचुरेटेड फैट होता है, जो दोनों ही स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण हैं। सूरजमुखी के बीज फेनोलिक एसिड और लिग्नांस जैसे फाइटोकेमिकल्स भी प्रदान करते हैं, जो हृदय रोग और कैंसर को रोकने में मदद कर सकते हैं। यह प्रोटीन के अच्छे स्रोत होते हैंऔर यह दैनिक मूल्य प्रति औंस का 6 ग्राम या 12 प्रतिशतप्रोटीन प्रदान करते है।सूरजमुखी के बीजों में 100 विभिन्न प्रकार के एंजाइम होते हैं, जो शरीर में हार्मोनल संतुलन को नियंत्रित करने में सहायता करते हैं। विशेष रूप से महिलाओं के लिए, सूरजमुखी के बीज बेहद फायदेमंद होते हैं। इसके अलावा सूरजमुखी के बीज पाचन स्वास्थ्य को बढ़ावा देने में मदद करते हैं।इसके बीजों को नाश्ते के लिए उपयोग में लाया जाता है। सूरजमुखी के बीज रूस के लोगों के पसंदीदा व्यंजनों में से एक हैं। इसके बीजों में विटामिन बी की मात्रा अधिक होने से नाखुन और बाल मजबुत होते हैं। सूरजमुखी के बीज विटामिन ई में उच्च हैं जो कैंसर जैसी घातक बिमारी की रोकथाम में बहुत सहायक हैं।सूरजमुखी के बीज पक्षियों जैसे कि बुलबुल और गौरेया के पसंदीदा भोजन होते हैं। सूरजमुखी तेल प्राचीन काल से, सूरजमुखी तेल का उपयोग कई अलग-अलग और विविध उपयोगों में किया गया है।बीज से निकाले सूरजमुखीतेल का उपयोगखाना पकाने के लिए, साबुन और पेंट में और स्नेहक के रूप में, वाहक तेल के रूप में और नकली मक्खन एंव बायो-डीज़ल के उत्पादन में इस्तेमाल किया जाता है। सूरजमुखी के तेल मे मांइस्चराइजिंग गुण होने कि वजह से कांस्मेटोलोजी में इसका उपयोग पौष्टिक त्वचा क्रिम, स्क्रब, बांडी रैप्स और अन्य कांस्मेटिक आईटम बनाने के लिए बहुतायत मे किया जाता हैं।इसके अलावा तेल का उपयोग होंठो और त्वचा को मॉइस्चराइज़ करने के लिए भी किया जाता हैं। इसके तेल का उपयोग वनस्पति घी (डालडा) तैयार करने में भी किया जाता है। उच्च ओलिक' प्रकारों के तेल में जैतून के तेल से भी उच्च स्तरीय स्वस्थ मोनो-असंतृप्त शामिल होता है।इसके तेल में निहित लिनोलिक एसिड शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बडाता है साथ ही विभिन्न रोगों के संक्रमण से बचाता हैं। तेल में उपस्थित लिनोलिक एसिड बैक्टीरिया और कीटाणुओं से त्वचा की रक्षा के लिए इसे प्रभावी बनाता है।तेल में उपस्थित विटामीन “ई”शरीर की प्रतिरक्षा को मजबूत करने का काम करता है।साथ ही इसके तेल का उपयोग जोडों के दर्द मे भी किया जाता हैं। सूरजमुखी के तेल में उपस्थित असंतृप्त वसीय अम्ल मानव शरीर में वसा के चयापचय को तेज करके वजन घटाने मे मदद करते हैं। सूरजमुखी कीखली सूरजमुखी बीजो से तेल निकालने के बाद बची हुईं खली का उपयोंग मुख्यता: पशुओं को खिलाने (पोल्ट्री फीडिंग) के लिए उपयोगी है जिसमें 40-44 प्रतिशत प्रोटीन होती है और हलवा बनाने के लिए भी इस्तेमाल किया जाता हैं। पत्तियां पत्तियों का काढ़ा गुर्दे को साफ करता है, दस्त को समाप्त करता है, पाचन तंत्र के कार्य को बहाल करके भूख को बढ़ाने में मदद करता है। यह यूरोलिथियासिस और गाउट के लिए एक प्रभावी उपाय है। सूरजमुखी के पत्तों का उपयोग विभिन्न व्यंजनों में किया जाता है। सूखी पत्तियों को सूरजमुखी की पंखुड़ियों के साथ मिलाकर चाय बना सकते हे जो भूख को बडाती हे और बुखार को भी कम करने में सहायक होती हैं। सूरजमुखी के पत्तों का काढ़ा बनाकर अल्सर के घाव को धोने से लाभ होता है। तना सूरजमुखी पौधे के तने वैकल्पिक ईंधन के स्रोत हैं।बगीचे में पोटाश के अच्छे विकल्प के रूप में सूरजमुखी का उपयोग कर सकते हैं। इन्हें जलाकर राख को बगीचे में इस्तेमाल करना जरूरी है। सूरजमुखी की जडे सूरजमुखी की जड़ों का उपयोग लोक चिकित्सा में बहुतायत से किया जाता है। इसकी जडों का उपयोग काढ़े या संपीड़ित के रूप में किया जा सकता है। इसके अलावा जड़ों का उपयोग बाहरी एजेंट के रूप में भी किया जाता है।नमक जमा से जोड़ों की सफाई में और ओस्टियोचोन्ड्रोसिस के इलाज में, गुर्दे और पित्ताशय की थैली से पत्थरी को हटाने में अद्भुत उपचार शक्ति है। सूरजमुखी की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इस पौधे की जड़ नाभिकीय विकिरण को रोकने का काम करती है। इसके अलावा सूरजमुखी की जड़ों का उपयोग मांसपेशियों, जोड़ों और सिरदर्द को खत्म करने के लिए भी किया जाता है। हृदय रोग़ सूरजमुखी के बीजो में एंटीऑक्सीडेंट, एंटी-इंफ्लेमेटरी के साथ-साथ घाव को भरने के गुण भी मौजुद होते है। सूरजमुखी के बीज में फ्लेवोनॉइड, पॉलीसैचुरेटेड फैटी एसिड और विटामिन मौजूद होते हैं, जो ह्रदय से संबंधीत समस्याओं से बचाव का काम करते हैं। बीज हृदय प्रणाली पर सकारात्मक प्रभाव डालते हैं और बीजो का उपयोग़ एथेरोस्क्लेरोसिस, दिल का दौरा, स्ट्रोक आदि को रोकने के लिए किया जाता हैं। कोलेस्ट्रॉल अगर आपको कोलेस्ट्रॉल की समस्या है या भविष्य में कोलेस्ट्रॉल की समस्या से बचना है, तो आप सूरजमुखी के बीज को खाने में उपयोग कर सकते हैं। इसमें ओलिक एवं लिनोलिक फैटी एसिड की प्रचुर मात्रा होती है, जो एलडीएल कोलेस्ट्रोल यानी हानिकारक कोलेस्ट्रॉल को कम करने में मदद करता है। मस्तिष्क के विकास के लिए:सूरजमुखी के बीज में कैल्शियम व जिंक जैसे पोषक तत्व होते हैंजो मस्तिष्क के विकास में लाभकारी होते हैं। मधुमेह रोग सूरजमुखी के बीजो मेपोलीसैचुरेटेड फैट होती है। साथ ही इसमें कार्बोहाइड्रेट की मात्रा भी काफी कम होती हैजो बल्ड शुगर को मेंटेन करने के साथ-साथ शरीर को स्वस्थ रखने में मदद कर सकती हैं। एंटी-इन्फ्लेमेटरी गुण कई बार इन्फ्लेमेशन यानी सूजन के कारण भी शरीर में कई बीमारियां होने लगती हैजैसे डायबिटीज, कैंसर, अल्जाइमर, हड्डियों और त्वचा से संबंधित समस्याएं आदि शामिल हैं। इस स्थिति में सूरजमुखी के बीज काफी उपयोगी हो सकता है, क्योंकि इसमें एंटी-इन्फ्लेमेटरी गुण मौजूद होते हैं ऊर्जा स्रोत सूरजमुखी के बीज पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं और ऊर्जा का एक अच्छा स्रोत माने जाते हैं। शरीर में ऊर्जा का प्रवाह बनाए रखने के लिए सूरजमुखी के बीज का सेवन की सलाह दी जाती हैं। कब्ज कब्ज की समस्यां में भी फाइबर युक्त सूरजमुखी के बीज उपयोगी हो सकते हैं। एंटी-माइक्रोबियल गुण:सूरजमुखी के बीज में एंटी-माइक्रोबियल, एंटी-बैक्टीरियल व एंटी-इन्फ्लेमेटरी गुण होते हैंजो शरीर को हानिकारक बैक्टीरिया से बचाने का काम करते हैं। इस कारण शरीर से कई बीमारियां दूर रहती हैं और शरीर स्वस्थ रहता है। बालों की समस्याओं के लिए सूरजमुखी के बीज के सेवन से बाल झड़ने की समस्या काफी हद तक ठीक हो सकती हैक्योंकि इसमें विटामिन, आयरन एवं जिंक जैसे कई पोषक तत्व मौजूद होते हैंजो बालों को स्वस्थ बनाने में मददगार साबित होते हैं। सूरजमुखी के तेल से दो मुहे बालों के उपचार में भी उपयोग किया जाता है साथ ही साथ यह बालों को सूखेपन और रुखेपन से बचाकर उनकी नमी को भी बरकरार रखता है।इसके तेल में उपस्थित गामा अल्फा-लिनोलेनिक एसिड बालों को झड़ने से रोकने में मदद करता हैं। सजावट के लिए सूरजमुखी के फूलों का सजावट के लिए भी बहुतायत से इस्तेमाल किये जाते हैं तथा किसी को तोहफे के रुप में भी दिए जाते हैं। सूरजमुखी फूल के पत्तों को सूखाकर उससे रंग भी बनाये जाते हैं। अंत में यह कहना अतिस्योक्ति नहीं होगा की सूरजमुखी एक बहुउपयोंगी फसल हैं। सोर्स: एच.पी. मीना एम. सुजाता एवं प्रद्युमन यादव भाकृअनुप-भारतीय तिलहन अनुसंधान संस्थान, राजेंद्रनगर, हैदराबाद-500 030 ********