पपीेते की प्रमुख किस्में किस्म विमोचन वर्ष एवं संस्थान अनुमोदित क्षेत्र उपज (कि.ग्रा./पौधा) विशेषताएं पूसा डेलिसियस 1986, भाकृअनुप-पूसा (बिहार) संपूर्ण भारत 40-45 पपीते की गाइनोडाइसियसे प्रजाति है। मादा और नर दो फूल एक ही पौधे पर आते हैं। फल का वजन 1-2 कि.ग्रा.। पूसा मैजेस्टी 1986,भाकृअनुप-पूसा (बिहार) संपूर्ण भारत 35-40 पपीते की गाइनाेडाइसियसे प्रजाति है। पपेन के लिए उपयुक्त और भंडारण क्षमता भी अधिक होती है। फल का वजन 1.0-1.5 कि.ग्रा.। पूसा जायंट 1981, भाकृअनुप-पूसा (बिहार) संपूर्ण भारत 30-35 नर तथा मादा फूल अलग-अलग पौधे पर पाये जाते हैं। तेज हवाओं के प्रति सहनशीलता वाले क्षेत्रों में अधिक उपयोगी। फल का वजन 1.5-3.0 कि.ग्रा.। पूसा ड्वार्फ 1986, भाकृअनुप-पूसा (बिहार) संपूर्ण भारत 40-45 यह छोटी बढ़वार वाली किस्म है। नर तथा मादा फूल अलग अलग पौधे पर आते हैं। फल का वजन 1.0-1.5 कि.ग्रा.। रेड लेडी 786 2013, पंजाब कृषि विश्वविद्यालय लुधियाना पंजाब, हरियाणा, पश्चिमी उत्तर झारखंड और राजस्थान प्रदेश, दिल्ली 80-100 नर व मादा फूल एक ही पौधे पर होते हैं। भंडारण क्षमता अधिक होती है। अन्य किस्मों से जल्दी तैयार हो जाती है। स्त्राेत : फल-फूल पत्रिका, भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद(आईसीएआर),सुरेंदर कुमार, कर्म वीर, अंजीत कुमार, प्रदीप कुमार, नबीन कुमार दास और एम. मधु, भाकृअनुप-भारतीय मृदा एवं जल संरक्षण संस्थान, अनुसंधान केंद्र, सुनबेड़ा, कोरापुट (ओडिशा)।