परिचय कमरख एक विदेशी फल है और यह मुख्य रूप से श्रीलंका, मलेशिया, इण्डोनेशिया, बांग्लादेश और फिलीपींस में पाया जाता है। वर्तमान समय में भारत में भी इसका प्रचलन दिन-प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है। कमरख के फल के औषधीय गुण मानव स्वस्थ्य के लिए लाभकारी होते हैं। इसीलिए इसके स्वाद व औषधीय गुणों के कारण इसे अत्यधिक पसंद किया जाता है। भारत के अलावा भी अन्य देशों में कमरख द्वारा बने सह-उत्पाद जैसे-जैम, जैली इत्यादि का उपयोग काफी प्रचलन में है। हमारे देश में इसके फलों को सामान्यतः कच्चा ही अधिक खाया जाता है। ब्राजील के नागरिक कमरख का इस्तेमाल एक्जिमा और सोरायसिस रोगों के उपचार में करते हैं, जबकि कम्बोडियाई लोग इसका उपयोग त्वचा संबंधी रोगों को ठीक करने में करते हैं। कमरख को स्टार फ्रूट के नाम से भी पजाना जाता है। जब इस फल को छोटे-छोटे टुकड़ों में काटते हैं, तो यह तारों के आकार का दिखाई देता है। इसलिए इसे स्टार फ्रूट कहा जाता है। इसका फल शुरुआती अवस्था में हरे रंग का एवं पकने के बाद पीले एवं नारंगी रंग का हो जाता है। प्रत्येक फल की चौड़ाई 6-13 मिमी होती है। कमरख मुख्य रूप से दो प्रकार के होते हैं, एक खट्टे या तीखे स्वाद वाले व दूसरे मीठे स्वाद वाले। इनमें चीनी की मात्रा 9 प्रतिशत, ऑक्जेलिक अम्ल 0.16 प्रतिशत तथा मौलिक अम्ल 0.06 प्रतिशत होती है। खट्टे फलों में ऑक्जेलिक अम्ल की मात्रा1 प्रतिशत होती है। खट्टे फलों का उपयोग इमली के स्थान पर भी किया जा सकता है। कमरख के अपरिपक्व फलों में पोटेशियम ऑक्जेलिक पाया जाता है और इसका इस्तेमाल डाई बनाने में करते हैं।कमरख मानव स्वास्थ्य के लिए बहुत लाभकारी है। इसका उपयोग करने से हमें लम्बी आयु के साथ-साथ खूबसूरती भी मिलती है। कमरख का उपयोग करने से हमारे शरीर में आवश्यक खनिज एवं विटामिन की पर्ति होती है। ये शरीर के लिए अत्यंत आवश्यक होते हैं। इससे शरीर को पर्याप्त मात्रा में ऊर्जा मिलती है। हृदय रोग उपचार में सहायक कमरख के फलों में विटामिन-बी , विटमिन 'ए', विटामिन-बी विटामिन 'सी' राइबोफ्लेबिन, नियासिन एवं थायमीन आदि प्रति ऑक्सीकारक उपस्थित होते हैं। ये हृदय रोगों से हमारी रक्षा करने में सहायता करते हैं। कमरख का फल हृदय रोगियों के लिए बहुत लाभकारी है। इसके फलों में पोटेशियम की उच्च मात्रा होने के साथ-साथ कैल्शियम भी पाया जाता है और ये शरीर में उचित रक्तचाप बनाए रखने में सहायक होते हैं। इसके परिणामस्वरूप हृदय की कार्यक्षमता भी बढ़ जाती है। इसके अलावा इसमें मौजूद अन्य पोषक तत्व रक्त वाहिकाओं को स्वस्थ रखते हैं। कमरख फल से होने वाले लाभ यह मानव शरीर के लिए निम्न प्रकार से लाभकारी है। पाचन क्रिया में लाभकारी कमरख के फलों में महत्वपूर्ण विटामिन और खनिज उपस्थित होते हैं। इसके फलों का सेवन करने से हमारी पाचन क्रिया भी । स्वस्थ रहती है। कमरख में मौजूद फाइबर हमारे पाचन को बेहतर बनाए रखने में मदद करता है। बालों के लिए लाभकारी वर्तमान समय में बालों का झड़ना एवं सफेद होना दिन-प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है। विशेषकर महिलाओं को बालों के विकास के लिए विटामिन-बी कॉम्प्लेक्स की जरूरत होती हैं। इसकी उनके शरीर में कमी हो जाती है, इसी वजह से उनके बालों का सफेद होना व झड़ना दिन-प्रतिदिन बढ़ता जाता है। कमरख के फलों में विटामिन-बी कॉम्प्लेक्स की भरपूर मात्रा पाई जाती है। इसके कारण इसका फल बालों के लिए अत्यंत लाभकारी है। कमरख बालों को बढ़ाने में सहायक होने के साथ तथा बालों को मजबूती देने का काम करता है। एक्जिमा और सोरायसिस रोगों के उपचार में कमरख में ऐसे अनेक प्रकार के पोषक तत्व पाए जाते हैं, जो एक्जिमा व सोरायसिस नामक रोगों को नियंत्रित करने में सहायक होते हैं। चमकती त्वचा के लिए कमरख के फलों का सेवन सभी उम्र के लोग कर सकते हैं। इसमें समस्त आवश्यक : पोषक तत्व पाए जाते हैं और ये त्वचा को चमकाने के लिए आवश्यक होते हैं। इनमें , जिंक के अतिरिक्त बहुत से खनिज और विटामिन भी सम्मिलित हैं। भूख बढ़ाने में सहायक जिन लोगों को भूख कम लगती है या नहीं लगती उनके लिए यह फल बहुत ही लाभकारी है। अगर कमरख के एक ग्लास जूस का उपयोग सुबह किया जाए, तो ऐसा करने से भूख में वृद्धि होने लगती है। वजन कम करने में सहायक वर्तमान समय में मानव शरीर में वजन का बढ़ना एक प्रकार की समस्या बनता जा रहा है। इस परिस्थिति में अगर कमरख के फलों का दिन-प्रतिदिन सेवन किया जाए, तो वजन बढ़ने की समस्या से निजात पाया जा सकता है। एक कमरख फल से 25-30 कैलोरी ऊर्जा प्राप्त होती है। कफ-पित्त एवं रक्त संबंधी विकार में सहायक जो लोग धूमपान करते हैं, उन्हें अक्सर कफ, पित्त और रक्त संबंधी विकार की समस्या होने लगती है। इन सभी समस्याओं से निजात पाने के लिए कमरख का फल बहुत ही लाभप्रद माना जाता है। इसके लिए आप इसको अच्छी तरह से पीस लें। अब इसे मध्यम आंच पर 1/4 होने तक पकाएं,जब 1/4 हो जाए, तो इसे थोड़ी देर के लिए ठण्डा होने के लिए रख दें। जैसे ही ठण्डा हो जाए, इसमें सही मात्रा में सेंधा नमक, धनिया, जीरा आदि को पीसकर उसे अच्छी तरह से मिला दें, जिससे सिरका तैयार हो जाए। इस सिरके को रोगी 7 को सुबह-शाम 8-10 ग्राम की मात्रा में देने । से रक्त विकार कफ और पित्त की समस्या से निजात पाया जा सकता है। हड्डियों को मजबूत करने में सहायक कमरख के फलों में मैग्नीशियम, आयरन, कैल्शियम, जिंक और फॉस्फोरस । पर्याप्त मात्रा में पाए जाते हैं। ये हमारी हड्डियों के घनत्व को बढ़ाने और ऑस्टियोपोरोसिस से बचाने में मदद कर सकते हैं। ऑस्टियोपोरोसिस सामान्यत अधिक उम्र की महिलाओं और में पुरुषों में होता है। कॉलेस्ट्रोल को कम करने में सहायक कमरख के फलों में तांबा पर्याप्त । मात्रा में होता है। यह कॉलेस्ट्रॉल के स्तर { को कम करने में सहायता करता है। इसमें । प्राकृतिक वसा की मात्रा बहुत ही कम होती है। इसके साथ-साथ इसमें रेशा अधिक मात्रा में पाया जाता है। इस तरह से वसा [ की कम मात्रा शरीर में अतिरिक्त वसा 5 को जमा नहीं होने देती है। इसमें उपस्थित । रेशा हमारी चयापचय दर को बढ़ा देता { है, जिससे अतिरिक्त वसा का उपयोग कर र लिया जाता है। इस प्रकार यह हमारे शरीर में कॉलेस्ट्रॉल के स्तर को संतुलित बनाएरखने में सहायक होता है। कमरख शरीर में । मौजूद हानिकारक कॉलेस्ट्रॉल को कम एवं लाभदायक कॉलेस्ट्रॉल के स्तर को बढ़ाने में सहायक होता है। इससे हृदय रोग का होना भी कम होता जाता है। ऊर्जा और ताजगी बढ़ाने में वर्तमान परिदृश्य में कई प्रकार के रोगों को ध्यान में रखते हए शरीर का ऊर्जा से भरा हुआ एवं तरोताजा रहना बहुत ही आवश्यक है। इसके लिए कमरख के फलों का सेवन करने से शरीर में नई ऊर्जा का संचार एवं ताजगी का अहसास होता है। इसके परिणामस्वरूप दिन भर तरोताजा रहने के साथ-साथ ऊर्जावान रहा जा सकता है और मस्तिष्क सुचारू रूप से कार्य करता है। मधुमेह के नियंत्रण में सहायक कमरख के फलों के अध्ययन से यह ज्ञात हुआ है कि इसमें अघुलनशील रेशा ग्लूकोज इंसुलिन की मात्रा को नियंत्रित कर सकता है। इस कारण कमरख मधुमेह रोगियों के लिए बहुत ही लाभप्रद हो सकता है। रोग-प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में सहायक मानव शरीर में आयरन एवं खनिज लवणों की कमी के कारण रोग-प्रतिरोधक क्षमता कम हो जाती है। ऐसे लोगों को कमरख के फल का सेवन करना चाहिए। इसमें विटामिन 'सी', आयरन एवं खनिज लवण पर्याप्त मात्रा में पाए जाते हैं। ये हमारे शरीर की रोग-प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में सहायक होते हैं। प्रसवोपरांत दूध बढ़ाने में सहायक कमरख का फल महिलाओं के लिए काफी लाभप्रद होता है। अक्सर बहुत सी महिलाओं को प्रसव के बाद दूध उत्पादन में कमी की समस्या होती है। इसको कमरख द्वारा बढ़ाया जा सकता है। इसकी वजह से नवजात शिशु को पर्याप्त मात्रा में अहार प्राप्त हो पाता है। कमरख के फलों में उपलब्ध पोषक तत्व कमरख के फलों में स्वास्थ्य को ठीक करने के दृष्टिकोण से कई प्रकार के पोषक तत्व पाए जाते हैं। इसके फल में विटामिन 'ए', 'बी', 'सी' ए' के साथ-साथ फॉस्फोरस, पोटेशियम एवं आयरन प्रचुर मात्रा में होता है। इसके अलावा कमरख में प्रति ऑक्सीकारक पॉलीफेनोलिक यौगिक जैसे-क्वार्सेटिन और गैलिक एसिड भी पर्याप्त मात्रा में पाया जाता है। सारणी: कमरख के फलों में आवश्यक पोषक तत्वों की मात्रा क्र.सं. पोषक तत्व मात्रा/100 ग्राम 1 फाइबर 10 ग्राम 2 कार्बोहाइड्रेट 9.5 ग्राम 3 प्रोटीन 1.04 ग्राम 4 विटामिन 'सी' 0.15 ग्राम 5 आयरन 0.08 मि.ग्रा 6 जिंक 0.12 मि.ग्रा. 7 शुगर 3.98 ग्राम 8 कैल्शियम 3 मि.ग्रा. 9 पोटेशियम 133 मि.ग्रा 10 विटामिन 'बी ' 0.017 मि.ग्रा. 11 वसा 0.33 मि.ग्रा. स्त्राेत : फल-फूल पत्रिका(आईसीएआर),अमित कुमार, पी.के.एस गुर्जर एवं मोहिनी परमार-भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद(आईसीएआर), नई दिल्ली।