परिचय श्री पवन कुमार सैनी गाँव जडौली जिला करनाल का रहने वाला एक बेरोजगार नवयुवक था। इन्होने फरवरी , 1995 में कृषि विज्ञान केंद्र, रा.डे. अनु.सं. करनाल से मधुमक्खी कॉलोनियों खरीद कर इस व्यवसाय को आरंभ किया। सन 1996 में मधुमक्खी कॉलोनियों का विभाजन कर इनकी संख्या 45 कर ली। वर्ष के अंत में तक 8.1 क्विंटल शहद का उत्पादन किया जिसे 35 रु. प्रति कि.ग्र. के भाव से बेचकर 28.350 रु. की आय प्राप्त की । इसके बाद प्रत्येक वर्ष श्री पवन कुमार मधुमक्खी कॉलोनियों का विभाजन कर इनकी संख्या बढ़ाता गया तथा वर्ष 2005 में यह संख्या बढ़कर 500 हो गयी। इससे 95.0 किवंटल शहद का उत्पादन हुआ जिसे 42 रु. प्रति कि.ग्रा. के भाव से बेचकर 3.99 लाख रु. की आमदनी की। शहद उत्पादन के साथ मधुमक्खी के कॉलोनियों की बिक्री कर कमाए लाखों शहद उत्पादन के अलावा श्री पवन कुमार ने इस दौरान कुल 442 कॉलोनियों को 500 रु. से 1800 रु. प्रति कालोनी की दर से बेचा तथा इससे होने वाली कुल आय लगभग 4.47 लाख थी।तकनीकी ज्ञान के लिए मधुमक्खी पालक हमेशा कृषि विज्ञान केंद्र के सम्पर्क में रहता है तथा समय-समय पर उपयुक्त उपचार कर मधुमक्खी कॉलोनियों को स्वस्थ रखता है। इस समय श्री पवन कुमार प्रति वर्ष सभी खर्चे निकालकर लगभग 3.4 लाख रु. की शुद्ध आय प्राप्त कर रहा है। इससे इसकी आर्थिक एवं सामाजिक दशा में तो सुधार हुआ ही है साथ में आसपास के कई किसानों ने मधुमक्खी पालन को एक सहायक व्यवसाय के रूप में अपना लिया है। स्त्रोत: कृषि, सहकारिता एवं किसान कल्याण विभाग, भारत सरकार।