सोच में बदलाव ला सकता है जीवन में बदलाव यदि इंसान की सोच में थोड़ा परिवर्तन आ जाए तो वह समाज में क्रांतिकारी परिवर्तन ला सकता है। रोजगार की पीछे भागने वाले युवा यदि अपने सोच में थोड़ी सी परिवर्तन कर लें तो वे जहां खुद नियोजित होंगे वहीं दूसरे को भी रोजगार मुहैया कराने में सहायक हो सकते हैं। ऐसा ही कारनामा कर दिखाया है बिहार के किशनगंज जिले के बहादुरगंज के नप क्षेत्र के वार्ड संख्या 11 स्थित सताल रोड निवासी डेयरी उद्योग से जुड़े निरंजन कुमार भूतरा ने। उनका मानना है कि यहां के लोग यदि गाय पालन को व्यवसाय के रूप में अपनाएं तो निश्चित रूप से जहां एक ओर सरकारी वहीं लोग आर्थिक सम्पन्नता प्राप्त कर इस सीमांचल क्षेत्र में श्वेत क्रांति ला सकते हैं। जानकारी पढ़ें, सरकार से अनुदान लें और शुरू करें डेरी का व्यवसाय सरकार द्वारा गव्य विकास की ओर से डेयरी उद्योग को बढ़ावा देने के लिए जरूरतमंद को प्रशिक्षण देकर बैंक से ऋणदिलाने में भी मदद हो रही है। इस योजना के तहत सरकार अनुदान भी दे रही है। गौ पालन कर स्वरोजगार कर रहे निरंजन का कहना है कि किसी भी व्यवसाय को शुरू करने से पहले उसकी बेसिक जानकारी आवश्यक है। जैसे किस नस्ल की गाय व भैंस पालना श्रेयकर है। उसे कैसे पाला-पोसा जाए, किस मात्र में उन्हें भोजन आदि दिया जाए इसकी जानकारी अवश्य लेनी चाहिए। वे खुद डेयरी उद्योग के रूप मे उन्नत नस्लों के गाय एवं भैंसों पाल रहे हैं। जिसमें फ्रीजियन, शाहीवाल, थारपरकर नस्ल की गाय व शहना, जाफरियादी नस्ल की भैंस शामिल है। इनके पास वर्तमान समय में कुल 22 गाय व भैस हैं, जो लगभग दो क्विंटल दूध देती है। जिला गव्य कार्यालय से 2014 में प्रथम पुरस्कार प्राप्त किये निरंजन का मानना है कि दूध के लिए गाय या भैंस को कभी भी इंजेक्शन नही लगाना चाहिए। लेखन : संदीप कुमार, स्वतंत्र पत्रकार