परिचय सूकर बहुत तेजी से वृद्धि करने वाला पशु है जो काफी कम दाम में अत्यधिक पोषक प्रोटीन खाद्य तैयार कर सकता है। आदिवासी क्षेत्रों में, जहां गरीब ग्रामीण आदिवासी पारंपरिक रूप से कुछ सूकर रखते हैं, उनके लिए सूकर पालन उनकी अर्थिकी स्थिति सुधारने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा कर सकता है। इसलिए आदिवासी ग्रामीण क्षेत्रों में सूकर पालन को बढ़ावा देना चाहिए। सूकर पालन के लाभ समझने हेतु 10 सूकरी तथा 1 सूकर इकाई की अर्थिकी दी जा रही है- अनावर्ती व्यय जमीन की लागत 1 एकड़ रु. 20,000.00 भवनों की लागत :- सूकर बाड़े-7 (प्रत्येक 15 वर्गफीट-105 वर्गफीट सूकर बाड़ा (80 वर्गफीट) - 80 वर्गफीट प्रसव हेतु बाड़े-3 प्रत्येक 60 वर्गफीट -180 वर्गफीट पिल्ला बाड़े-8 प्रत्येक 80 वर्गफीट- 640 वर्गफीट स्टोर - 95 वर्गफीट कुल - 1100 वर्गफीट निर्माण लागत रु. 200/वर्गफीट - 1100 वर्गफीट रु. 2, 20,000.00 उपकरण आदि :- - रु.10,000.00 कुल व्यय - रु. 2,50,000.00 आवर्ती व्यय 1 सूकर तथा 10 सूकरी की लागत प्रत्येक रु. 1000.00 रु. 11,000.00 आहार पर व्यय एक सूकर प्रतिदिन 2 किलो , एक वीआरएसएच हेतु 7 क्विंटल , दर प्रति क्विंटल 700 रु. 4,900.00 10 सूकरी प्रतिदिन 1 किलो, एक वीआरएसएच हेतु 90 क्विंटल, दर प्रति क्विंटल 700 रु. रु. 63,000.00 160 पिल्ले एंव ग्रोर -4 माह हेतु कुल 120 किलो प्रत्येक पिल्ले/ग्रोअर हेतु कुल 192 क्विंटल, दर प्रति क्विंटल 700 रु॰ रु. 1,34,400.00 एक मजदूर एक वीआरएसएच 1500/- प्रतिमाह की दर से रु. 18,000.00 औषधि पर व्यय रु. 10,000.00 ऋण की 5 किश्तों में वापसी (एक किश्त रु. 50,000.00) रु. 50,000.00 अनावर्ती व्यय पर ब्याज 10% रु. 25,000.00 कुल आवर्ती व्यय रु. 3,16,300.00 प्राप्तियाँ 160 सूकर बेचने पर आय (45 किग्रा प्रति सूकर 50/ प्रति जीवित वजन 7200 किलोग्राम) रु. 3,60,000.00 खाद बेचने पर आय रु. 30,000.00 खाली बेचने पर आय रु. 10,000.00 कुल प्राप्तियाँ रु. 4,00000.00 शुद्ध आय सूकर मांस, खाद, बोरा आदि बेचने पर आय रु॰4,00000.00 कुल आर्वती व्यय रु॰3,16,300.00 शुद्ध आय रु॰83,700.00 दूसरे वर्ष से पैतृक स्टॉक की लागत नहीं लगेगी तथा अनावर्ती लागत पर ब्याज भी कम हो जाएगा। इसलिए शुद्ध आय इस प्रकार होगी- वर्ष प्राप्तियाँ (आय) आवर्ती व्यय शुद्ध आय प्रथम वर्ष 400000.00 316300.00 83700.00 दिवतीय वर्ष 400000.00 316300.00 83700.00 तृतीय वर्ष 400000.00 306300.00 93700.00 चतुर्थ वर्ष 400000.00 301300.00 98700.00 पंचम वर्ष 400000.00 296300.00 103700.00 कुल 20,00000.00 1531500.00 4,68,500.00 इस प्रकार, एक कृषक औसतन रु 90,000.00 प्रति वर्ष एक आय प्राप्त कर सकता है। जो परिवार की आजीविका चलाने हेतु पर्याप्त है। एक कृषक को एक माह में 12-14 सूकर तथा एक सप्ताह में 3-4 सूकर तक बेचना होगा, जो बहुत अधिक मुश्किल नहीं होगा। हालांकि शुरुआत करने के लिए कृषक 5 सूकरी तथा 1 सूकर रख सकता है 10 सूकारियों को बड़ा कर सकता है। स्त्रोत: छत्तीसगढ़ सरकार की आधिकारिक वेबसाइट