राज्यवार पाली जाने वाली नस्लें प्राय: निम्नलिखित नस्लों को पशुपालक द्वारा पाला जाता है क्र. नस्ल पाए जाने का स्थान शरीर भार विशेषता महत्वपूर्ण लक्षण जमुनापुरी यह नस्ल उत्तर प्रदेश के इटावा व्आगरा में मिलती है। द्विकाजी नर 50-60 कि.ग्रा. मादा 40-50 कि.ग्रा. मांस के लिए उपयुक्त बड़ा आकार,कान 25-30 से.मी. लम्बे, रोमन नोज या उभरी हुई नाक, पिछली पैराें पर घने लम्बे बाल,रंग मुख्यतः सफ़ेद, शरीर पर काले भूरे रंग के धब्बे,लम्बे थन। ब्लैक बेंगाल पश्चिम बंगाल व असम नर 30 कि.ग्रा. मादा 20 कि.ग्रा. मांस के लिए उपयुक्त कद छोटा, रंग कला/भूरा कान छोटे व चपटे,सींग लिए ऊपर की ओर उठे हुए,कन्धा और पिछला भाग समान ऊँचाई के, छाती चौड़ी। बारबरी इस नस्ल की बकरियाँ उत्तर प्रदेश एवं राजस्थान में पाई जाती है। दुधारू, नर 40 कि.ग्रा. दूध 1.30 -2.00 कि.ग्रा. छोटे कद,छोटे कान, छोटे सींग,सीढ़ी नाक, रंग ज्यादातर सफ़ेद व भूरा, शरीर पर छोटे-छोटे बाल, पिछला हिस्सा भरी, अयन पूर्णत: विकसित, घर में रखकर पालने में उपयुक्त बीटल यह नस्ल पंजाब एवं हरियाणा में पाई जाती है। द्विकाजी नर 50-60 कि.ग्रा. मादा 40-50 कि.ग्रा. बड़ा आकार, काला भूरा रंग, जमुनापुरी से मिलती जुलती, लम्बे कान, उभरी नाक, सींग पीछे की ओर मुड़े हुए घुमावदार। सिरोही यह नस्ल राजस्थान के सिरोही, अजमेर, उदयौर जिले में पाई जाती है। द्विकाजी, नर 40-50 कि.ग्रा. मादा 23-27 कि.ग्रा. पशु का आकार माध्यम, गठीला, रंग हल्का एवं गहरा भूरा व् शरीर पर काले, सफ़ेद एकम गहरे काले रंग के धब्बे होते है। अन्य प्रान्तों में मिलने वाली नस्लें भारत के अन्य प्रान्तों में पाए जाने वाले बकरियों की प्रमुख नस्लें मुख्य प्रजनन क्षेत्र क्र. नस्ल राज्य जिला 1 अत्तापडी काला केरल पालाक्कड 2 चंगथगी जम्मू-कश्मीर लेह तथा कारगिल 3 चेगु हिमाचल प्रदेश सभी क्षेत्र 4 गड्डी हिमाचल प्रदेश कंगरा, कुल्लू वेळी, चम्बा तथा सीमला 5 गंजम ओडिशा गंजम स्त्रोत: कृषि, सहकारिता एवं किसान कल्याण विभाग, भारत सरकार।