परजीवी रोग एवं उनके उपचार रोग एवं परजीवी मध्यवर्ती परपोषी परपोषी प्रमुख लक्षण उपचार यकृत कृमि (लीवर फ्लूक) जलीय घोंघा गाय, भैंस, भेड़, बकरी भूख की कमी, कब्जियत तथा दस्त, घेंघा फूलना ऑक्सीक्लोजानाइड -10 से 15 मिग्रा. प्रति किलोग्राम शारीरिक वजन हेक्साक्लोरोइयेन- 300 मिग्रा. प्रति किलोग्राम शारीरिक वजन रुफोक्सानाइड छेरा रोग (एम्फीस्टोमिओसिस) जलीय घोंघा गाय, भैंस, भेड़, बकरी भूख की कमी, छेरा दस्त एवं घेंघा फूलना उपरोक्त कृमि रोग (गोल कृमि, फीता कृमि आदि) - पालतू पशु जैसे गाय, भैंस, भेड़, बकरी, घोड़ा, सूकर, मुर्गी आदि दस्त पिपराजीन कम्पाउंड 66 मिग्रा. प्रति किलोग्रा. शारीरिक वजन लेवामिसोल-7.5 मिग्रा. प्रति किलोग्राम शारीरिक वजन मोरेन्टल टारटरेट-10 मिग्रा. प्रति किलोग्राम शारीरिक वजन हुक कृमि - कुत्ता कमजोरी, रक्तअल्पता खून तथा आँव मिला मल टेट्रामिसोल 15-20 मिग्रा. प्रति किग्रा. शारीरिक वजन की दर से खिलाना है। मेबेन्डाजेला 40-50 मिग्रा. प्रति ग्रा. शारीरिक वजन की दर से खिलाना है। कॉक्सिडियोसिस - गाय, भैंस, बकरी, घोड़ा, सूकर, मुर्गा भूख की कमी, छेरा, खूनी दस्त गाय, भैंस, भेड़, बकरी को अम्प्रोलियम 20-40 मिग्रा. प्रति किलो वजन 4-5 दिनों तक मुर्गियों को सल्फाडाइमीडीन (0.2:) या सल्फाक्वलीनोक्सलीन (0.5:) 5-7 दिनों तक पीने के पानी में थेलेरियोसिस अप्रैल या चमोकन (टीक्स) संकर एवं उन्नत नस्ल की गाय तेज बुखार (1080 सें.ग्रे. तक) लिम्फ ग्रथियों में सूजन रक्त अल्पता, गर्भपात, खूनी दस्त टेट्रासाइक्लिन-10 मिग्रा. प्रति किलोग्राम शारीरिक वजन ब्यूटालेक्स (बूपारवक्विनोन) -2.5 मिग्रा. प्रति किलोग्राम मांस में सूई द्वारा बेबेसियोसिस अठेला या चमोकन (टीक्स) गाय, घोड़ा, कुत्ता, भेड़ एवं बकरी तेज बुखार (1060 सें.ग्रे. तक) लाल पेशाब एवं रक्त अल्पता बेरेनील-2 से 3.5 मिग्रा. प्रति किलोग्रा. शारीरिक वजन ट्रिपानब्लू-1 प्रतिशत घोल, कुत्ते में 5 से 10 सी.सी. एवं गाय में 50 से 100 सी.सी. सूई द्वारा खून में। ट्रिप्नोसोमिएसिस (सर्रा रोग) रक्त चूसक मक्खी मनुष्य, गाय, भैंस, भेड़, बकरी, घोड़ा, ऊँट, कुत्ता तेज बुखार, भूख की कमी रुक-रुक कर पेशाब करना,चक्कर आना। बेरेनील-3.5 मिग्रा. प्रति किलोग्राम शारीरिक वजन सूई द्वारा चमड़े में या मांस में। एंट्रीसाइड प्रोसाल्ट 7.5 मिग्रा. प्रति किग्रा. वजन के अनुसार सलाइन जल में घोल बनाकर चमड़े के नीचे सूई द्वारा। अठैल या चमोकन - सभी पालतू पशु-पक्षी खून की कमी, खुजली, बाल झड़ना, अस्थिरता पशुशाला के फर्श एवं दीवारों को कीटनाशी दवा के जलीय घोल से धोना। पशुओं पर साइपरमेथ्रीम एवं फेनवेलरेट का 0.033 प्रतिशत जलीय घोल या मालाथियान 0.25% का छिड़काव। खाज या स्कैबीज - बकरी, कुत्ता, सूकर चमड़े में लालिमा और सूजन बाल झड़ना, खुजलाहट आइभाभेकटीन 200 माइक्रोग्राम प्रति किग्रा. शारीरिक वजन के अनुसार चमड़े में सूई द्वारा। नीम+करंज तेल कपूर तथा गंधक के मिश्रण की चमड़े पर मालिश। स्त्रोत: कृषि विभाग, झारखंड सरकार