गिर नस्ल का जन्म स्थान काठियावाड़ गिर जंगलों गुजरात में माना जाता है। इसी कारण इसे काठियावाड़ी, सुरती, अजमेरा, और रेंडा गाय के नाम से भी जाना जाता है। गिर नस्ल की गायें उच्च दूध उत्पादन करती हैं, जिससे उत्तम दूध उत्पादन की संभावना होती है। इससे नहीं सिर्फ पशुपालकों को लाभ होता है, बल्कि यह डेयरी उद्योग के लिए भी महत्वपूर्ण है। शारीरिक लक्षण: गिर गाय का रंग गहरा लाल, भूरा, और काले धब्बों से भरा होता है। इनका ललाट (Forehead) उभरा हुआ होता है और कान नीचे लटके हुए लम्बे मुड़ी हुई पत्तिनुमा होते हैं। सींग अर्द्धचंद्राकर आकार के होते हैं। उत्पादन: इन गायों की एक ब्यात में लगभग 1600 - 2500 लीटर दूध का उत्पादन होता है। गिर नस्ल की गायें अपेक्षाकृत तनाव प्रतिरोधक होती हैं और उन्हें अलग आवासीय और आधिकारिक माहौलों में भी अच्छी तरह से उपजाऊ बनाया जा सकता है। स्रोत : गिर गाय