शहतूत शरबत शहतूत फल की भण्डारण गुणवत्ता को अधिक समय तक बनाए रखा नहीं जा सकता। इसलिए प्रसंस्करण के माध्यम से शहतूत फल के प्रभावी उपयोग को बढ़ाया जा सकता है। उपरोक्त विधि द्वारा शहतूत का रस निकाल कर प्रसस्करण के लिए संरक्षित किया जा सकता है। शहतूत शरबत या सिरप भी एक प्रकार का फल पेय पदार्थ है। इसमें कम से कम 25 प्रतिशत फलों का रस या गूदा होता है और कम से कम 65 प्रतिशत कुल घुलनशील तत्वों की मात्रा होनी चाहिए। शरबत में लगभग 1.5-2 प्रतिशत अम्लता (सिट्रिक अम्ल) तथा परिरक्षक 600 मि.ग्रा. सोडियम बेंजोएट मिलाया जाता है। शहतूत का शरबत गर्मियों में लू लगने से बचाता है और ठण्डक का अहसास दिलाता है। अच्छी गुणवत्ता व विभिन्न महत्वपूर्ण रसायनों से भरपूर शहतूत का शरबत या सिरप नीचे बताई गई सामग्री से बनाया जा सकता है। शहतूत शरबत तैयार करने की सामग्री (अन्तिम उत्पाद/लीटर के लिए) शहतूत रस 250 मि.ली. कुल घुलनशील ठोस - 70 प्रतिशत चीनी 664.38 ग्राम सिट्रिक एसिड - 14.9 मि.ग्रा. सोडियम बेंजोएट - 600 मि.ग्रा. रंग - 0.025 ग्राम पानी -70.72 मि.ली. स्वास्थ्यवर्धक उत्पाद शहतूत का शरबत, स्क्वैश विधि द्वारा आसानी से तैयार किया जा सकता है। शहतूत फलों के रस, चीनी, अम्ल और परिरक्षकों के संतुलन के कारण इस फल पेय पदार्थ की शेल्फ लाइफ अच्छी होती है। शहतूत शरबत में एंथोसाइनिन की अच्छी मात्रा होने के कारण यह उत्पाद स्वास्थ्यवर्धक होता है। शहतूत स्क्वैश यह फलों के रस या गूदे से तैयार किया हुआ फल पेय का एक प्रकार है। इसमें कम से कम 25 प्रतिशत फलों का रस या गूदा और तैयार पेय में कुल घुलनशील तत्वों की मात्रा कम से कम 40 प्रतिशत होनी आवश्यक है। स्क्वैश में लगभग 1-1.50 प्रतिशत अम्लता (सिट्रिक अम्ल तथा परिरक्षक रसायन 600 मि.ग्रा. सोडियम बेन्जोएट होता है। इस पेय पदार्थ का सेवन पानी मिलाकर किया जाता है। रंगीन फलों के पेय पदार्थों में सोडियम बेन्जोएट मिलाया जाता है। शहतूत से नीचे बताई गई सामग्री का अनुसरण कर अच्छी गुणवत्ता का स्क्वैश तैयार किया जा सकता है। शहतूत स्क्वैश तैयार करने की सामग्री (अन्तिम उत्पाद 1 लीटर के लिए) शहतूत रस 300 मि.ली कुल घुलनशील ठोस पदार्थ 45 प्रतिशत सिट्रिक एसिड 11.68 ग्राम चीनी 407.25 ग्राम रंग 0.025 ग्राम(ऐच्छिक) सोडियम बेन्जोएट 600 मि.ग्रा पानी 281.07 मिली भण्डारण उपरोक्त विधि द्वारा शहतूत का रस निकाला जा सकता है। स्क्वैश बनाने के लिए पानी और चीनी को स्टेनलेस स्टील के पतीले में मिलाया जाता है। आंच पर रखकर 2-3 उबाल आने पर इसमें सिट्रिक अम्ल को मिलायें। इसके बाद इसे आंच से उतारने के तुरन्त बाद मलमल के कपड़े से छान लिया जाता है। चाशनी (सिरप) ठण्डी होने पर उसमें शहतूत का रस मिलाएं। इसके इसके बाद सोडियम बेन्जोएट परिरक्षक मिलाया जाता है। तैयार शहतूत स्क्वैश को सापफ बोतलों में भरकर तथा ढक्कन लगाकर सीलबन्द कर ठण्डे व शुष्क स्थान पर लंबे समय तक भण्डारित किया जा सकता है। स्त्राेत : हामिद और नारायण सिंह ठाकुर खाद्य विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग, डा. यशवन्त सिंह परमार औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, नौणी, सोलन-173230, हिमाचल प्रदेश।