प्लास्टिकल्चर का उद्देश्य प्लास्टिकल्चर का उद्देश्य कृषि बागवानी,जल प्रबन्धन तथा सम्बन्धित क्षेत्रों में प्लास्टिक का उपयोग करके कृषि एवं बागवानी फसलों की उत्पादकता बढ़ाना है। प्लास्टिकल्चर अप्रत्यक्ष कृषि निवेश का अति महत्वपूर्ण घटक है। इसके फलस्वरूप नमी संरक्षण, पानी की बचत, उर्वरक खपत की कमी, जल और पोषक तत्वों के न्यूनतम उपयोग की सहायता, नियंत्रित पर्यावरण कृषि की आर्थिक रूप से व्यावहारिक बनाने, नेट द्वारा पादप संरक्षण तथा नवीन्मेषी पैकेजिंग में सहायता आदि है। जिससे फलों और सब्जियों के संग्रहण भण्डारण तथा आवागमन के दौरान स्व-जीवन बढ़ाने में मदद मिलती है। प्लास्टिकल्चर का कृषि एवं बागवानी क्षेत्र में उपयोग नर्सरी में प्लास्टिकल्चर गुणक्ता वाली कलमों, पौधों को उगाने के लिए आधुनिक नर्सरी, प्लास्टिक बैग, गमलों, प्लकिंग ट्रे, बीज ट्रे, लटकने वाली बाल्टियों का इस्तेमाल किया जाता है। इससे रखरखाव व आवागमन में सुगम्यता होती है। तालाब जलाशय का स्तर नहर, तालाब, तथा जलाशय में रिसाव रोकने के लिए प्लास्टिक फिल्म के अस्तर प्रभावशाली है। पह वर्षा जल संग्रहण, भण्डारण तया सिंचाई मात्सिकी, पशुपन व घरेलू प्रयोजन हेतु प्रभावशाली तरीका है। इसमें 200 से 250 माइक्रोन फिल्म का उपयोग किया जाता है। लाभ इससे मृदा कटाव व अपरदन की रोकथाम होती है। यह संरध्र (पोरस) मृदा में काफी उपयोगी हैं। जहां तालाबों की जलधारण क्षमता कम होती है इससे जल लवणता समाप्त होती है तया भण्डारित जल में नमक के बढ़ते हुए अत:वैधन की रोकथाम होती है। पलवार बिछाना मृदा नमी को संरक्षित करने तथा खरपतवार की रोकथाम के लिए प्लास्टिक फिल्म के पौधे के आसपास की मिट्टी को ढ़क देने तथा मृदा तापमान संशोधित करने को पलवार (मल्चिंग) बिछाना कहते है। सब्जियों के लिए 15 से 25 माइक्रोन की फिल्म का पलवार के लिए उपयोग किया जाता है तथा बागवानी वृक्षों के लिए 50 माइक्रोन की फिल्म का उपयोग किया जाता है। लाभ इसमें वाष्पोत्सर्जन में कमी आती है जिससे पैौधे की वृद्धि के लिए अनुकूल मृदा आर्द्रता तथा तापमान कायम रहता है। बार-बार सिचंई करने के कार्यों में कमी आती है। खरपतवार की वृद्धि में रोकथाम होती है तथा फलों एवं सब्जियों की गुणवत्ता बढ़ती है मृदा अपरदन तथा मृदा के पानी में बह जाने से रोकथाम होती है। भारी बारिश के कारण होने वाली मृदा ठोसपन में कमी आती है। निम्न सुरंगक (लो-टनल) निम्न सुरंगक, हरित गृह की भांति प्रभाव देने वाला लघु ढांचा है। पौधों की प्रकाश संश्लेषण क्रियाओं को बढ़ाते हुए इन सुरंगों में कार्बन डाई आक्साईड को समाहित करने में मदद मिलती है। इन ढांचों से पौधों को तेज हवा, सर्द हवा, अधिक वर्षा अथवा बर्फ से सुरक्षा मिलती है। सर्द ऋतु में इसके अन्दर का तापमान बढ़ जाता है, इस कारण पौधों का पाले से बचाव हो जाता है। इसके अलावा ये सस्ते निर्माण और तोड़ने में आसान होते हैं। हरित गृह हरित गृह (ग्रीन हाउस) तैयार या फुलाए गए ढांचे जिन्हें पारदर्शी सामग्री से ढका जाता है। जिनमें एक नियंत्रित या आंशिक नियंत्रित पर्यावरण के तहत फसलों को उगाया जाता है। लाभ ये पौधों द्वारा बेहतर पोषक तत्व ग्रहण करने के लिए प्रकाश संश्लेषण कार्यकलापों की वृद्धि के लिए अनुकूल स्थितियां प्रदान करता है। यह बे-मौसमी फसलों को उगाने में सहायक है। यह कीटनाशी और रोग नियंत्रण में सहायक है। उच्च गुणवत्ता वाली कलमों, पौधों की नर्सरी तैयार करने में मदद मिलती है। फलों एवं सब्जियों की उपज में एवं गुणवत्ता में वृद्धि होती है। फसलों की उत्पादकता में बढ़ोतरी होती है। यह फसलों को ठण्ड, पाला और हवा से बचाती है। पैौध और कलमों को सूक्ष्म जलवायु प्रदान करता है । छायामय जाल (शेड नेट) पैौधों और फसलों को नाशीजीव, पक्षियों, पशुओं तथा प्रतिकूल मौसम स्थितियों से सुरक्षा देने एवं गर्मी से बचाव करने के लिए विशिष्ट शेड नेट का उपयोग किया जाता है। शेड नेट में भिन्न प्रकार छायामय (शेड) घटक और सघनता होती है जो कि 35 प्रतिशत से 90 प्रतिशत के बीच है। वर्तमान समय में सफेद, हरे, लाल तथा काले रंग में शेड नेट उपलब्ध हैं। 35 प्रतिशत के शेड नेट टमाटर, शिमलामिर्च, ब्रोकली, खीरा की पैदावार लेने के लिए अच्छा पाया जाता है। लाभ गर्मी के मौसम में पैदावार बढ़ाने में मदद मिलती है। बे-मौसमी सब्जियां उगाने के लिए इनका उपयोग किया जाता है। इनका इस्तेमाल फल वाले पौधों, औषधीय पौधों, सब्जी तथा मसाला फसलों के पौधों को उगाने के लिए किया जाता है। शेड नेट के अन्दर सोलर रेडिएशन कम होने के कारण टमाटर की गुणवत्ता अच्छी पायी जाती है। पैकेजिंग प्लास्टिक में मौजूद विशिष्ट गुणधर्म जैसे लचीलापन, हल्का वजन, लागत प्रभावी, स्वच्छता सुरक्षित और पारदर्शिता के कारण प्लास्टिक ने उत्पादों के प्रसंस्करण भण्डारण, परिक्षण तथा परिवहन में अमूल्य योगदान दिया है। 25 माईक्रोन की शिंक पैकेजिंग, हीट शिंकेबिल प्लास्टिक फिल्म किन्नू के र्शिक पैकेजिंग करने के लिए अच्छी पायी जाती है। पादप संरक्षण नेट पादप संरक्षण नेट का इस्तेमाल शाकीय तथा फलवाली फसलों को सौर विकिरण,नाशीकीट,पक्षियों, ओलावृष्टि, तेज हवाओं, बर्फ या भारी वर्षा से बचने के लिए किया जाता है। इसका वर्ष भर प्रयोग किया जाता है। टपक सिंचन प्रणाली टपक सिंचन प्रणाली से कम दबाव तथा नियंत्रित अन्तराल में पादप पोषक तत्वों के साथ पानी के कम तथा नियंत्रित टपकावक उत्सर्जन द्वारा पाईप के निकटतम नेटवर्क में सहायता मिलती है। इससे पानी में बचत तथा फसल उत्पादकता एवं फलों /सब्जियों की गुणवत्ता बढ़ाने में मदद मिलती है। छिड़कावक सिंचन प्रणाली एवं सूक्ष्म सिंचन प्रणाली इस प्रणाली में पम्प की सहायता से उच्च दबाव के तहत पानी के उपयोग में मदद मिलती है। इस प्रणाली से पानी की बचत होती है। इस सूक्ष्म सिंचन प्रणाली में पौधों के आसपास का सूक्ष्म वातावरण अच्छा रहने से उत्पाद की गुणवत्ता और मात्रा में वृद्धि होती है। कृषि में प्लास्टिक का उपयोग करके पानी में बचत, फलों एवं सब्जियों की उत्पादकता तथा गुणवत्ता बढ़ाई जाती है। इससे सब्जियों एवं फलों की भण्डारण के दौरान स्व-जीवन बढ़ाने में मदद मिलती है। साथ ही यह प्रणाली किसानों के लिए लाभदायी सिद्ध हो सकती है। स्त्रोत : सीफेट न्यूजलेटर, लुधियाना(डी.डी. नांगरे, जितेन्द्र सिंह, रमेश कुमार, विजय सिंह मीणा एवं दविन्द्र कुमार केन्द्रीय कटाई उपरांत अभियांत्रिकी एवं प्रैौधोगिकी संस्थान, अबोइर)