भूमिका लातेहार जिले में भूमि को एन्तिसोल्स, इन्सप्तिसोल्स एवं अल्फिसोल्स मृदा श्रेणी का पाया गया है। जिले की कुल भौगोलिक क्षेत्र का 63.7 प्रतिशत भूमि अल्फिसोल्स, 7.2 प्रतिशत इन्सप्तिसोल्स तथा 28.2 प्रतिशत एन्तिसोल्स मृदा श्रेणी के अंतर्गत आता है। मृदा पी.एच. जिले में मिट्टी का पी.एच. मान 4.7 से 7.4 तक पाया गया है। इस क्षेत्र की बहुतायत 83.2 प्रतिशत अम्लीय एवं 1.9 प्रतिशत क्षारीय पाई गई है। इनमें से करीब 23.4 प्रतिशत मिट्टी अम्लीय समस्या (पी.एच. 5.5 से कम) से ग्रस्त हैं और इनका उचित उपचार किया जाना जरूरी है। तालिका 1: जिले के भूमि में विभिन्न मृदा-क्रिया का वर्गीकरण मृदा-क्रिया क्षेत्र (’00 हें.) कुल भौगोलिक क्षेत्र का प्रतिशत ज्यादा प्रबल अम्लीय (पी.एच. 4.5-5.0) 115 3.2 प्रबल अम्लीय (पी.एच.5.1-5.5) 740 20.2 मध्य अम्लीय (पी. एच. 5.6-6.0) 1272 34.7 कम अम्लीय (पी.एच. 6.1-6.5) 921 25.2 उदासीन (पी.एच. 6.6-7.3) 511 14.0 कम क्षारीय (पी.एच. 7.4-7.8) 70 1.9 अन्यान्य 32 0.9 कुल 3661 100.00 जैविक कार्बन जिले की मिट्टी में 0.02 से 3.63 प्रतिशत जैविक कार्बन की मात्रा पाई गई है। कुल भौगोलिक क्षेत्र का 43.3 प्रतिशत भूमि में जैविक कार्बन का स्तर निम्न से मध्यम तथा बहुतायत 55.9 प्रतिशत भूमि में जैविक कार्बन की स्थिति अधिक पाया गया है। तालिका 2: जिले के भूमि में जैविक कार्बन का स्तर जैविक कार्बन (प्रतिशत) क्षेत्र (’00 हें.) कुल भौगोलिक क्षेत्र का प्रतिशत निम्न (0.50 प्रतिशत से कम) 809 22.1 मध्यम (0.50-0.75 प्रतिशत) 775 21.2 अधिक (0.75 प्रतिशत से अधिक) 2045 55.9 अन्यान्य 32 0.9 कुल 3661 100.00 उपलब्ध नेत्रजन लातेहार जिले की मिट्टी में उपलब्ध नेत्रजन की मात्रा 175 से 670 किलो प्रति हेक्टेयर पाया गया है। क्षेत्र की अधिकाधिक भूमि में उपलब्ध नेत्रजन का स्तर मध्यम (63.1 प्रतिशत) तथा 24.3 प्रतिशत में निम्न पाई गई है। तालिका 3: जिले के भूमि में उपलब्ध नेत्रजन का स्तर उपलब्ध नेत्रजन (किलो/हें.) क्षेत्र (’00 हें.) कुल भौगोलिक क्षेत्र का प्रतिशत निम्न (280 से कम) 891 24.3 मध्यम (280-560) 2309 63.1 अधिक (560 से अधिक) 429 11.7 अन्यान्य 32 0.9 कुल 3661 100.00 उपलब्ध स्फूर (फ़ॉस्फोरस) जिले की भूमि में उपलब्ध स्फूर की मात्रा 0.5 से 85.1 किलो प्रति हेक्टेयर पाई गई। इनमें से 46.3 प्रतिशत भूमि में निम्न तथा 46.7 प्रतिशत भूमि में उपलब्ध स्फूर की स्थिति मध्यम पाया गया है। तालिका 4: जिले के भूमि में उपलब्ध स्फूर का स्तर उपलब्ध स्फूर (किलो/हें.) क्षेत्र (’00 हें.) कुल भौगोलिक क्षेत्र का प्रतिशत निम्न (10 से कम) 1693 46.3 मध्यम (10-15) 1711 46.7 अधिक (15 से अधिक) 225 6.1 अन्यान्य 32 0.9 कुल 3661 100.00 उपलब्ध पोटाश इस जिले की मिट्टी में उपलब्ध पोटाश की मात्रा 85 से 980 किलो प्रति हेक्टेयर पाया गया है। बहुतायत मिट्टी में उपलब्ध पोटाश का स्तर मध्यम (42.0 प्रतिशत) तथा 47.9 प्रतिशत भूमि में अधिक पाई गई है। तालिका 5: जिले के भूमि में उपलब्ध पोटाश का स्तर उपलब्ध पोटाश (किलो/हें.) क्षेत्र (’00 हें.) कुल भौगोलिक क्षेत्र का प्रतिशत निम्न (108 से कम) 338 9.2 मध्यम (108-280) 1536 42.0 अधिक (280 से अधिक) 1755 47.9 अन्यान्य 32 0.9 कुल 3661 100.00 उपलब्ध सल्फर यहाँ की मिटटी में 0.30 से 30.88 मि.ग्रा. प्रति किलो उपलब्ध सल्फर विद्यमान पाया गया है, जिनमें क्षेत्र की बहुतायत 70.9 प्रतिशत भूमि निम्न, 25.7 प्रतिशत भूमि मध्यम तथा 2.5 प्रतिशत भूमि में उपलब्ध सल्फर अधिक पाया गया है। तालिका 6: जिले के भूमि में उपलब्ध सल्फर का स्तर उपलब्ध सल्फर (मि.ग्रा./किलो) क्षेत्र (’00 हें.) कुल भौगोलिक क्षेत्र का प्रतिशत निम्न (10 से कम) 2595 70.9 मध्यम (10-20) 942 25.7 अधिक (20 से अधिक) 92 2.5 अन्यान्य 32 0.9 कुल 3661 100.00 लातेहार जिले की भूमि में सूक्ष्म पोषक तत्वों की स्थिति लातेहार जिले के कुल भौगोलिक क्षेत्र की भूमि में सूक्ष्म पोषक तत्वों की क्रिटिकल लिमिट के अनुसार उपलब्ध लोहा (99.1 प्रतिशत), उपलब्ध मैंगनीज (99.1 प्रतिशत), उपलब्ध कॉपर (92.2 प्रतिशत) एवं उपलब्ध जिंक (95.6 प्रतिशत) की स्थिति पर्याप्त पाई गई है। क्षेत्र की बहुतायत जमीन में उपलब्ध बोरॉन की कमी (84.5 प्रतिशत) है, जबकि 14.6 प्रतिशत भूमि में उपलब्ध बोरॉन की स्थिति पर्याप्त पाई गई है। तालिका 7: जिले के भूमि में उपलब्ध बोरॉन का स्तर उपलब्ध पोटाश (किलो/हें.) क्षेत्र (’00 हें.) कुल भौगोलिक क्षेत्र का प्रतिशत मूल्य-निर्धारण 0.25 से कम 1927 52.6 अपर्याप्त 0.25-0.50 1167 31.9 0.5-0.75 416 11.4 पर्याप्त 0.75 से अधिक 119 3.2 अन्यान्य 32 0.9 कुल 3661 100.00 स्त्रोत: कृषि विभाग, झारखण्ड सरकार