<h3><span>यह पुस्तिका क्यों? </span><strong> </strong></h3> <p style="text-align: justify; ">कृषि एवं सहकारिता विभाग (भारत सरकार) ने किसानों के लिए राज्य सरकारों के जरिये कृषि विकास से सम्बन्धित कई योजनाएँ लागू की हैं| हर योजना से सम्बन्धित दिशानिर्देशों व परिपत्रों में उसके विभिन्न घटकों के लिए सहायता के प्रकार और सहायता की मात्रा बताई गई है| विभाग ने अपनी योजनाओं से सम्बन्धित एक संग्रह भी प्रकाशित किया है, बेब-लिंक पर उपलब्ध है|</p> <p style="text-align: justify; ">कृषि के एक ही घटक के लिए विभिन्न योजनाओं से लाभ मिल सकता है| उदाहरण के लिए एक राज्य के अलग जिलों के किसान एक ही फसल के बीच के लिए कृषि माइक्रो प्रबंधन, राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन, आईएसओपीओएम इत्यादि से छूट ले सकते हैं| विभिन्न योजनाओं के सब्सिडी के मानकों और वित्तीय मापदंडों को सरल रूप में समझनें वाली यह पुस्तिका विस्तार कार्यकर्त्ताओं और किसानों के लिए अत्यंत उपयोगी है, क्योंकि इसमें विभिन्न योजनाओं/कार्यक्रमों के अनुसार वितरण देने के बजाए कृषि के अलग-थलग पहलुओं के अनुसार सूचनाएँ प्रस्तुत की गई है|</p> <p style="text-align: justify; ">इस पुस्तिका में 11 भिन्न विषय शामिल किये गये हैं मिट्टी स्वास्थ्य/संरक्षण एवं उर्वरक, बीज, सिंचाई, प्रशिक्षण एवं विस्तार, मशीनरी एवं प्रौद्योगिकी, कृषि, ऋण, फसल बीमा, पौधा संरक्षण, बागवानी एवं विपणन| इसके आलावा इन विषयों के व्याहारिक पहलुओं से सम्बन्धित सुझावों को भी शामिल किया गया है| हर विषय पहलुओं में बांटा गया है जैसे-आप क्या करें? आप क्या प्राप्त कर सकते हैं? किस से सम्पर्क करें?</p> <h3><span>लागू करने की दृष्टि से भारत सरकार की मुख्य रूप से दो तरह की योजनायें है</span><strong> </strong></h3> <p style="text-align: justify; ">(<strong>1</strong>) पूरे देश के लिए-इसके अंतर्गत राष्ट्रीय कृषि विकास योजना (निर्धारित मापदंडों पर खरे राज्यों के लिए) कृषि का माइक्रो प्रबंधन, मृदा स्वास्थ्य एवं उर्वरता की निगरानी सम्बन्धित राष्ट्रीय परियोजनाओं, विस्तार सुधार योजना, भारत में कीट प्रबंधन का सुदृढ़ीकरण एवं आधुनिकरण आदि को रखा गया है| इन राष्ट्र व्यापी योजनाओं में राज्य सरकारें निर्देशों के अनुसार उपलब्ध राशि के ध्यान में रखते हुए किसानों के चयन करती है, और इन चुने हुए लाभार्थियों को वित्तीय सहायता देती है|</p> <p style="text-align: justify; ">(<strong>2</strong>) क्षेत्र, फसल, जिल विशेष के लिए अन्य सभी योजनाएँ इस श्रेणी में आती है| इसमें राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन, राष्ट्रीय बागवानी मिशन, एचएमएनईएच, कपास प्रौद्योगिकी मिशन, जूट एवं मिस्टा प्रौद्योगिकी मिशन, वर्षा आधारित क्षेत्र विकास कार्यक्रम इत्यादि आते हैं, यह जानने के लिए कि कौन सी योजनायें आपके जिले में लागू है कृपया इन स्कीमों में भी लाभार्थियों के चयन उपलब्ध बजट एवं मानकों के आधार पर किया जाता है|</p> <p style="text-align: justify; ">यह उपयोगी पुस्तिका केवल भारत सरकार द्वारा दी गई सहायता का घटकवार विवरण देती है| बहुत सी राज्य सरकारें से ज्यादा वित्तीय सहायता भी देती है| विभिन्न राज्यों द्वारा प्रकार की अतिरिक्त सहायता को भी शामिल करके एक और पुस्तिका क्षेत्रीय भाषाओँ (अंग्रेजी में कुछ प्रतिलिपियों के साथ) प्रत्येक राज्यों के लिए शीघ्र ही प्रकाशित की जाएगी| जिससे किसानों को प्रत्येक विषय/घटक से सम्बन्धित पूरी सहायता के बारे में जानकारी मिल सके| तब किसान राज्य के कृषि/बागबानी विभाग के नजदीकी कार्यालय से सम्पर्क करके राज्य सरकारें द्वारा ही जाने वाली अतिरिक्त सहायता (यदि हो तो) के बारे में पता कर सकते हैं|</p> <h3><span>किससे सम्पर्क करें?</span><strong></strong></h3> <p style="text-align: justify; ">जिला कृषि पदाधिकारी, जिला उद्यान पदाधिकारी, परियोजना पदाधिकारी आत्मा|</p> <p style="text-align: justify; "><strong> </strong></p> <p style="text-align: justify; "><strong>स्रोत: - कृषि एवं गन्ना विकास विभाग, झारखण्ड सरकार|</strong></p>