शाकम्भरी योजना कार्यक्षेत्र राज्य के समस्त जिले। उद्देश्य सिंचाई संसाधन में विकास करना। हितग्राही की पात्रता सभी वर्ग के लघु/सीमांत कृषक योजना में लाभान्वित किये जाते हैं। साग-सब्जी उत्पादन करने वाले कृषकों को प्राथमिकता दी जाती है। मिलने वाला लाभ कूप निर्माण हेतु रू. 25200/- अथवा वास्तविक लागत का 50 प्रतिशत जो भी कम हो अनुदान देय है। विभिन्न स्थानों पर भूमि के प्रकार जैसे कड़ी चट्टान या कछारी भूमि के आकार के आधार पर इकाई लागत तय होती है। 0.5 से 5.00 हॉर्स पावर के आई.एस.आई. मार्क डीजल/विद्युत/ओपनवेल सबमर्सिबल पंप क्रय करने पर निर्धारित इकाई लागत का 75 प्रतिशत अथवा राशि रू. 16875/- अधिकतम अनुदान का प्रावधान है। खलिहान अग्नि दुर्घटना बीमा योजना कार्यक्षेत्र राज्य के समस्त जिले। उद्देश्य कृषकों को खलिहान अग्नि दुर्घटना की स्थिति में राहत देना। हितग्राही की पात्रता अग्नि दुर्घटना का तात्पर्य बाह्य दृष्टिगत दुर्घटना से अग्निकांड अथवा ताड़ित/प्राकृतिक अपदा अर्थात् हवा, यंत्रीकरण, मानवीय भूल एवं दंगे भी शामिल होंगे। सार्वजानिक प्राधिकरण के आदेश पर फसल/उपज जलाई गई या स्वतः कृषक के द्वारा दुर्भावना से जलाई गई है, खेत में सुखाने की प्रक्रिया में क्षति होती है या बेमौसम बारिश से फसल क्षति होती है तो ऐसी क्षति इस योजना क्षेत्र के बाहर होगी एवं क्षतिपूर्ति राहत की पात्रता नहीं होगी। मिलने वाला लाभ अधिकतम रू. 25000/- या वास्तविक आंकलित क्षति जो भी कम हो देय होगा। मौसम आधारित फसल बीमा योजना कार्यक्षेत्र राज्य के समस्त जिले। उद्देश्य मौसम आधारित फसलों के लिए कृषकों को बीमा का लाभ देना। हितग्राही की पात्रता अधिसूचित फसल व क्षेत्र के ऋणी कृषकों के लिए अनिवार्य अथवा अऋणी कृषकों के लिए एच्छिक आधार पर बीमा किया जावेगा। बटाईदार एवं रेग में खेती करने वाले कृषक भी बीमा का लाभ ले सकेंगे। मिलने वाले लाभ खरीफ मौसम 2014 से धान, मक्का, अरहर, मूंग, उड़द, सोयाबीन, मूंगफली एवं रबी मौसम में शासन द्वारा अधिसूचित फसलों एवं जिलों में लागू होगी। दावा राशि का भुगतान एजेंसी द्वारा मौसम से प्राप्त आंकड़े व सरकार द्वारा प्रीमियम अनुदान राशि उपलब्ध कराने पर शीर्ष बैंक शाखा को बीमा अवधि समाप्त होने के 45 दिनों के भीतर कर दिया जायेगा। दावा भुगतान की प्रक्रिया स्वचालित होगी, संबंधित एजेंसी द्वारा प्राप्त वास्तविक मौसम के आंकड़ों के आधार पर आंकलन किया जाएगा, शीर्ष बैंक द्वारा वित्तीय संस्था को उपलब्ध कराते हुए बीमित कृषकों के खाते में देय दावा राशि जमा करा दी जायेगी। स्त्रोत : किसान पोर्टल,भारत सरकार