राज्य पोषित योजनाएं फल पौध रोपण योजना प्रदेश में आम के क्षेत्र में विस्तार एवं फल उत्पादन में वृद्धि करने के लिए इस योजना के अंतर्गत भू-स्वामी कृषक को आम फलोदयान रोपण पर प्रति हेक्टेयर लागत राशि रू. 43,750 पर 25 प्रतिशत अनुदान राशि रू. 10.938 पांच वर्षो में देने का प्रावधान है, जिसमें प्रति कृषक न्यूनतम 0.25 हे. एवं अधिकतम 2 हे. तक अनुदान। आम, बेर, आंवला के देशी वृक्षों को उन्नतशील किस्मों में परिवर्तन हेतु प्रशिक्षित बेरोजगार युवकों के द्वारा किये गये टॉप वर्किंग कार्य पर (जब शाखा लगभग 2 फीट की हो जावे) राशि रू. 10 प्रति सफल परिवर्तित वृक्ष पारिश्रमिक। नदी कछार/तटों पर लघु सब्जी उत्पादक समुदायों को प्रोत्साहन की योजना नदी कछार/तटीय क्षेत्रों में खेती करने वाले बी.पी.एल. एवं लघु/सीमांत कृषकों को लाभान्वित करने की नवीन योजना है। प्रति हितग्राही न्यूनतम 0.25 हे. एवं 0.4 हे. क्षेत्र हेतु लाभ देने का प्रावधान है। 0.4 हे. क्षेत्र के अनुमानित लागत राशि रू. 9400 पर 50 प्रतिॉात अधिकतम राशि रू. 4700 अनुदान। बी.पी.एल. एवं लघु/सीमांत कृषक बाड़ी में टपक सिंचाई योजना (0.05. हे.) बी.पी.एल. एवं लघु/सीमांत कृषकों को लाभान्वित करने की नवीन योजना है जिसमें अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के कृषकों को प्राथमिकता दी जावेगी। प्रति हितग्राही 500 वर्ग मी. क्षेत्र में टपक सिंचाई पद्धति प्रतिस्थापन हेतु राशि रू. 18000 की अनुमानित लागत पर 75 प्रतिशत अधिकतम राशि रू. 13500 अनुदान। राज्य पोषित सूक्ष्म सिंचाई योजना यह योजना राज्य सरकार द्वारा कृषकों को ड्रिप सिंचाई पर अनुदान देने के उद्देश्य से वर्ष 2012-13 से राज्य के संपूर्ण जिलों में लागू की गई है। अनुमानित लागत का लघु एवं सीमांत कृषकों को 75 प्रतिशत अनुदान एवं बड़े कृषकों को 50 प्रतिशत अनुदान (अधिकतम रकबा 5 हेक्टेयर)। राष्ट्रीय सूक्ष्म सिंचाई मिशन राष्ट्रीय सूक्ष्म सिंचाई मिशन केन्द्र प्रवर्तित योजना हैं। योजना का उद्देश्य उपलब्ध जल स्त्रोत से अधिक से अधिक सिंचित रकबा को बढ़ाना है। योजनांतर्गत लघु एवं सीमान्त कृषकों को 60 प्रतिशत एवं सामान्य कृषकों को 35 प्रतिशत अनुदान अधिकतम जोत सीमा 5 हेक्टेयर तक दिये जाने का प्रावधान है। राष्ट्रीय बागवानी मिशन चयनित जिले - 1. बिलासपुर 2. दुर्ग 3. कबीरधाम 4. रायगढ़ 5. कोरबा 6. सरगुजा 7. जगदलपुर 8. रायपुर 9. कोरिया 10. जशपुर 11. राजनांदगांव 12. मुंगेली 13. बेमेतरा 14. बालोद 15. बलरामपुर 16. सूरजपुर 17. कोंडागांव 18. गरियाबंद 19 बलौदाबाजार। प्राथमिकता वाली फसलें 1. फलदार-आम, काजू, नीबू, लीची, आंवला, बेर, केला, बेल, सीताफल, अमरूद 2. मसाले-मिर्च, अदरक, धनिया, हल्दी, लहसुन एवं मैथी 3. पुष्प-गुलाब, जरबेरा, गेंदा, सेवंती, रजनीगंधा, ग्लेडियोलस, गैलार्डिया 4. औषधीय एवं सुगंधीय-लेमनग्रास, सिट्रीडोरा, एलोवेरा, खस एवं पामारोजा 5. सब्जी- टमाटर, बैंगन, भिंन्ड़ी आदि सब्जियों की संकर किस्में। घटक संभावित कुल लागत विवरण अधिकतम अनुदान (क) रोपण अधोसंरचना एवं विकास रोपण सामग्री का उत्पादन - (शासकीय क्षेत्र में कुल लागत का 100 % एवं निजी क्षेत्र में 35% से 50% अनुदान)- i. हाईटेक नर्सरी (4 हे.) रू. 25 लाख प्रति हे. शासकीय क्षेत्र (100%) निजी क्षेत्र (40% अनुदान) 4 हे. क्षेत्र तक प्रति नर्सरी एवं प्रति हे. न्यूनतम 50,000 पौधों का उत्पादन प्रतिवर्ष रू. 100 लाख रू. 40 लाख ii. छोटी नर्सरी रू. 15 लाख प्रति नर्सरी शासकीय क्षेत्र (100%) निजी क्षेत्र (50% अनुदान) न्यूनतम 1 हे. क्षेत्र प्रति नर्सरी एवं प्रति वर्ष न्यूनतम 25000 पौधों का उत्पादन रू. 15 लाख रू. 750 लाख iii. पुरानी नर्सरियो का जीर्णोद्धार- (4 हे.) रू. 10 लाख प्रति नर्सरी शासकीय क्षेत्र (100 %) निजी क्षेत्र (50% अनुदान) रू. 10 लाख रू. 5 लाख iv. नवीन टिशु कल्चर यूनिट की स्थापना रू. 250 लाख प्रति यूनिट शासकीय क्षेत्र (100%) निजी क्षेत्र (40% अनुदान) प्रत्येक टिशु कल्चर यूनिट अधिसूचित फसल की न्यूनतम 25 लाख पौधों का उत्पादन रू. 250 लाख रू. 100 लाख घटक संभावित कुल लागत विवरण अधिकतम अनुदान vi.सब्जी के बीजों का उत्पादन तथा वितरण (Open Planted) रू. 35,000/- प्रति हे. शासकीय क्षेत्र (100%) निजी क्षेत्र (35% अनुदान) प्रति हितग्राही 5 हे. तक सीमित होगा। रू.35,000/- प्रति हे. रू. 12,250/- प्रति हे. vii.सब्जी के बीजों का उत्पादन तथा वितरण (Hybrid) रू. 1.50 लाख प्रति हे. शासकीय क्षेत्र (100%) निजी क्षेत्र (35% अनुदान) प्रति हितग्राही 5 हे. तक सीमित होगा, आधार बीज के उत्पादन हेतु ब्रीडर बीज की मांग करने वाले संगठन आई.सी.ए.आर/एस.एस.यू से ब्रीडर बीज की अधिप्राप्ति की लागत पर 25 प्रतिशत की सहायता हेतु पात्र होंगे। रू. 1.50 लाख प्रति हे. रू. 75,000/- प्रति हे. viii.बीज अधोसंरचना (बागवानी फसलों के बीजों की हैण्डलिंग, प्रसंस्करण, पैकिंग, भंडारण आदि हेतु) रू. 200 लाख परियोजना प्रस्ताव के आधार पर शासकीय क्षेत्र (100%) निजी क्षेत्र (50% अनुदान) बीज अधोसंरचना विकास के अन्तर्गत परियोजना प्रस्ताव के आधार पर 100 प्रतिशत अनुदान प्रति हितग्राही क्रेडिट लिंक बैक ऐन्डेड सब्सिडी रू. 200 लाख परियोजना प्रस्ताव के आधार पर रू. 100 लाख परियोजना प्रस्ताव के आधार पर घटक संभावित कुल लागत विवरण/अधिकतम अनुदान (ख) नये उद्यानों की स्थापना 1. फल - 1.1 ज्यादा लागत वाली फलदार पौधों का रोपण (अधिकतम 4 हे. प्रति हितग्राही) अंगूर, किवी, पैसन फ्रूट आदि :- a.ड्रिप सिचाई, ट्रेलीस, समन्वित पौध प्रबंधन सुविधा के साथ रू. 4 लाख प्रति हे. कुल लागत पर 40 प्रतिशत अनुदान, अधिकतम रू.1.60 लाख प्रति हे. की दर से तीन किस्तों में 60:20:20 यदि जीवित पौधों का प्रतिशत 75 प्रतिशत द्वितीय वर्ष में तथा 90 प्रतिशत तृतीय वर्ष में। b.बिना ड्रिप सिचाई, ट्रेलीस, समन्वित पौध प्रबंधन सुविधा के रू. 1.25 लाख प्रति हे. कुल लागत पर 40 प्रतिशत अनुदान, अधिकतम रू. 0.50 लाख प्रति हे. की दर से तीन किस्तों में 60:20:20 यदि जीवित पौधों का प्रतिशत 75 प्रतिशत द्वितीय वर्ष में तथा 90 प्रतिशत तृतीय वर्ष में। स्ट्राबेरी :- a.ड्रिप सिचाई, मल्चिगं, समन्वित पौध प्रबंधन सुविधा के साथ रू. 2.8 लाख प्रति हे. कुल लागत पर 40 प्रतिशत अनुदान, अधिकतम रू.1.12 लाख प्रति हे. की दर से तीन किस्तों में 60:20:20 यदि जीवित पौधों का प्रतिशत 75 प्रतिशत द्वितीय वर्ष में तथा 90 प्रतिशत तृतीय वर्ष में। b.बिना ड्रिप सिचाई, मल्चिगं, समन्वित पौध प्रबंधन सुविधा के रू. 1.25 लाख प्रति हे. कुल लागत पर 40 प्रतिशत अनुदान, अधिकतम रू.0.50 लाख प्रति हे. की दर से तीन किस्तों में 60:20:20 यदि जीवित पौधों का प्रतिशत 75 प्रतिशत द्वितीय वर्ष में तथा 90 प्रतिशत तृतीय वर्ष में। केला (संकर) :- a.ड्रिप सिचाई, समन्वित पौध प्रबंधन सुविधा के साथ रू. 2लाख प्रति हे. कुल लागत पर 40 प्रतिशत अनुदान, अधिकतम रू.0.80लाख प्रति हे. की दर से दो किस्तों में 75:25। b.बिना ड्रिप सिचाई, समन्वित पौध प्रबंधन सुविधा के रू. 87,500/- प्रति हे. कुल लागत पर 40 प्रतिशत अनुदान, अधिकतम रू.0.35लाख प्रति हे. की दर से दो किस्तों में 75:25। घटक संभावित कुल लागत विवरण/अधिकतम अनुदान केला (टिश्यू कल्चर) :- a. ड्रिप सिचाई, समन्वित पौध प्रबंधन सुविधा के साथ रू. 3 लाख प्रति हे. कुल लागत पर 40 प्रतिशत अनुदान, अधिकतम रू.1.20 लाख प्रति हे. की दर से दो किस्तों में 75:25। b. बिना ड्रिप सिचाई, समन्वित पौध प्रबंधन सुविधा के रू. 1.25 लाख प्रति हे. कुल लागत पर 40 प्रतिशत अनुदान, अधिकतम रू.0.50 लाख प्रति हे. की दर से दो किस्तों में 75:25। अनानास (संकर) :- a. ड्रिप सिचाई, समन्वित पौध प्रबंधन सुविधा के साथ रू. 3 लाख प्रति हे. कुल लागत पर 40 प्रतिशत अनुदान, अधिकतम रू.1.20 लाख प्रति हे. की दर से दो किस्तों में 75:25। b. बिना ड्रिप सिचाई, समन्वित पौध प्रबंधन सुविधा के रू. 87,500/- प्रति हे. कुल लागत पर 40 प्रतिशत अनुदान, अधिकतम रू.0.35 लाख प्रति हे. की दर से दो किस्तों में 75:25। vi. अनानास(टिश्यू कल्चर) a. ड्रिप सिचाई, समन्वित पौध प्रबंधन सुविधा के साथ रू.5.50 लाख प्रति हे. कुल लागत पर 40 प्रतिशत अनुदान, अधिकतम रू. 2.20 लाख प्रति हे. की दर से दो किस्तों में 75:25। b. बिना ड्रिप सिचाई, समन्वित पौध प्रबंधन सुविधा के रू. 1.25 लाख प्रति हे. कुल लागत पर 40 प्रतिशत अनुदान, अधिकतम रू. 0.50 लाख प्रति हे. की दर से दो किस्तों में 75:25। vii. पपीता a. ड्रिप सिचाई, समन्वित पौध प्रबंधन सुविधा के साथ रू. 2 लाख प्रति हे. कुल लागत पर 40 प्रतिशत अनुदान, अधिकतम रू. 0.80 लाख प्रति हे. की दर से दो किस्तों में 75:25। b. बिना ड्रिप सिचाई, समन्वित पौध प्रबंधन सुविधा के रू. 0.60 लाख प्रति हे. कुल लागत पर 50 प्रतिशत अनुदान, अधिकतम रू. 0.30 लाख प्रति हे. की दर से दो किस्तों में 75:25। घटक संभावित कुल लागत विवरण/अधिकतम अनुदान viii. अति सघन फल पौध रोपण (Meadow orchard) a. ड्रिप सिचाई, समन्वित पौध प्रबंधन सुविधा के साथ रू. 2 लाख प्रति हे. कुल लागत पर 40 प्रतिशत अनुदान, अधिकतम रू. 0.80 लाख प्रति हे. की दर से तीन किस्तों में 60:20:20 यदि जीवित पौधों का प्रतिशत 75 प्रतिशत द्वितीय वर्ष में तथा 90 प्रतिशत तृतीय वर्ष में। b. बिना ड्रिप सिचाई, समन्वित पौध प्रबंधन सुविधा के रू. 1.25 लाख प्रति हे. कुल लागत पर 40 प्रतिशत अनुदान, अधिकतम रू. 0.50 लाख प्रति हे. की दर से तीन किस्तों में 60:20:20 यदि जीवित पौधों का प्रतिशत 75 प्रतिशत द्वितीय वर्ष में तथा 90 प्रतिशत तृतीय वर्ष में। ix. सघन फल पौध रोपण (High density Planting) आम, अमरूद, लीची, अनार, नीबू a. ड्रिप सिचाई, समन्वित पौध प्रबंधन सुविधा के साथ रू. 1.50 लाख प्रति हे. कुल लागत पर 40 प्रतिशत अनुदान, अधिकतम रू. 0.60 लाख प्रति हे. की दर से तीन किस्तों में 60:20:20 यदि जीवित पौधों का प्रतिशत 75 प्रतिशत द्वितीय वर्ष में तथा 90 प्रतिशत तृतीय वर्ष में। स्त्रोत : किसान पोर्टल,भारत सरकार